एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर क्षेत्र में भालू के लगातार बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन परिक्षेत्र रामपुर के तहत तीन दिनों के भीतर भालू ने एक पुरुष और एक महिला पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने 18 से 20 सदस्यों की विशेष टीम गठित कर क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, पहली घटना 3 नवंबर को बेसली गांव के जंगल में हुई। गांव निवासी हरी दास सुबह करीब 11 बजे कम्पार्टमेंट डी-115 में बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान काले भालू ने उन पर हमला कर दिया। वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल को एमजीएमसी खनेरी पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। विभाग की ओर से उन्हें तत्काल राहत भी प्रदान की गई। इसके बाद 5 नवंबर को बेसली क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया।
दूसरी घटना शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे नोगीधार गांव में हुई। यहां 58 वर्षीय शीतला देवी अपने खेत में कोलत निकाल रही थीं, तभी भालू ने उन पर हमला कर दिया। घटनास्थल पहली घटना वाले स्थान से करीब ढाई किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। घायल महिला को उपचार के लिए एमजीएमसी खनेरी पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
लगातार हो रहे हमलों के बाद वन विभाग ने सर्कल स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) सहित 18 से 20 सदस्यों की विशेष टीम सक्रिय की है। जगूनी में एक अन्य पिंजरा स्थापित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में एनिडर उपकरण और कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। साथ ही रात के समय पटाखे जलाकर भालू को आबादी से दूर रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अकेले जंगल और खेतों में न जाने की सलाह
वन विभाग ने ग्रामीणों से अगले दो सप्ताह तक विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को अकेले जंगल और खेतों में जाने से बचने, समूह में चलने और रास्ते में आवाज करते रहने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजें तथा घरों के आसपास झाड़ियों की सफाई रखें। भालू दिखाई देने पर उसे छेड़ने या पीछा करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
