मंडी। हिमाचल प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर मंडी के पड्डल मैदान में आयोजित जनसंकल्प समारोह को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कार्यक्रम को असंवेदनशील, विवादित और उपलब्धियों की बजाय आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित बताया। जयराम ठाकुर का कहना है कि जिस जिला मंडी में इस वर्ष आपदा से सबसे अधिक नुकसान हुआ, उसी स्थान पर करोड़ों रुपये खर्च कर जश्न मनाना आपदा पीड़ितों के साथ अन्याय है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़कने का काम किया है। पूरे प्रदेश ने देखा कि मंच पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बीच खुलकर तनाव दिखाई दिया। यह संवेदनाओं का मंच था, आपसी खुन्नस निकालने का नहीं। विपक्ष के अनुसार सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनता ने भी इस दृश्य को देखकर हैरानी जताई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने इस कार्यक्रम को तीन वर्षों के विजन मंच के रूप में पेश किया, लेकिन असल में पूरा आयोजन केंद्र सरकार और पूर्व भाजपा सरकार को कोसने तक सीमित रहा। जयराम ने दावा किया कि सुक्खू सरकार आने वाले दो वर्षों में भी इसी तरह केंद्र के खिलाफ बयानबाजी पर ही टिके रहने वाली है। मैंने पहले ही कहा था, इस सरकार का विजन लाइफ नहीं, बल्कि पूरी तरह ब्लर है, जो आज के मंच पर साबित हो गया।
फिजूलखर्ची के बजाय पीड़ितों की मदद करती सरकार
जयराम ठाकुर ने रैली पर खर्च को भी सवालों के घेरे में रखा। उनके अनुसार लगभग 10 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च किए गए, जबकि यह धन आपदा पीड़ितों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। कार्यक्रम को सरकारी रैली का नाम दिया गया, लेकिन सरकारी घोषणाओं और वास्तविक कार्यक्रम को सिर्फ दो मिनट में निपटा दिया गया। इसी दौरान योजनाओं के लाभार्थियों को ये कहकर बुलाया गया कि उन्हें भुगतान या लाभ दिए जाएंगे, लेकिन वैसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी कलह की ओर भी इशारा किया। जयराम ने कहा कि कार्यक्रम में न तो कांग्रेस नेता प्रतिभा सिंह दिखाई दीं और न ही लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह। यह स्पष्ट संकेत है कि वीरभद्र सिंह गुट को सुक्खू सरकार किनारे करने में लगी है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि रैली में भीड़ जुटाने के लिए कर्मचारियों पर दबाव डाला गया और स्कूलों व आईटीआई छात्रों को जबरन बसों में बैठाकर मैदान लाया गया। इसके बावजूद रैली असफल और फीकी रही।
दावा : बदहाली के 3 साल देशभर में बना सोशल मीडिया ट्रेंड
भाजपा ने हिमाचल कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर बड़ा अभियान छेड़ते हुए सरकार की नाकामियों को प्रमुखता से उजागर किया। बुधवार को मंडी में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह के समानांतर भाजपा ने देशभर में बदहाली के 3 साल हैशटैग के साथ व्यापक ई-कैंपेन चलाया, जो पूरे दिन एक्स (ट्विटर) पर शीर्ष ट्रेंड में रहा। हिमाचल भाजपा सोशल मीडिया टीम ने सुबह से पोस्टर, रील्स व वीडियो जारी कर गारंटियों की नाकामी, बंद संस्थान, 40 हजार करोड़ से अधिक कर्ज, कानून-व्यवस्था की कमजोरी, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस सरकार के खिलाफ 35 हजार से अधिक ट्वीट किए गए। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस कंटेंट को साझा कर अभियान को और मजबूत किया।
मंडी की रैली में दिखी जनता की नाराजगी के वीडियो व पोस्टर भी तेजी से वायरल हुए। इससे पहले भाजपा ने 4 दिसंबर को धर्मशाला में हुए विरोध प्रदर्शन को भी व्यवस्था पतन के 3 साल हैशटैग के साथ देशभर में ट्रेंड कराया था। पार्टी का दावा है कि कांग्रेस सरकार ने तीन वर्षों में प्रदेश को कर्ज और अव्यवस्था के बोझ तले दबा दिया है। इसी वजह से मुख्यमंत्री सुक्खू को रैली में भाजपा की सोशल मीडिया टीम का जिक्र करना पड़ा।
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