एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
राजधानी शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में मरीज से मारपीट के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए आरोपी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया है। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में तैनात सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। यह कार्रवाई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक की ओर से बुधवार देर शाम डॉक्टर के टर्मिनेशन के आदेश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने 23 दिसंबर को इस घटना की 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की थी। सरकार के निर्देशों के अनुसार गठित उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप दी, जिसके आधार पर यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई। जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के लिए मरीज और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर दोनों जिम्मेदार पाए गए हैं। रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम को कदाचार, दुर्व्यवहार, अनुचित आचरण और एक लोक सेवक के लिए अशोभनीय कृत्य की श्रेणी में रखा गया है और कमेटी ने इसे रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर नीति की धारा-9 के तहत डॉ. राघव निरुला को सीनियर रेजिडेंसी पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि 22 दिसंबर 2025 को आईजीएमसी शिमला की अनुशासनात्मक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 36 वर्षीय मरीज अर्जुन और डॉ. राघव निरुला के बीच अस्पताल में किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो बाद में हाथापाई में बदल गया। इस घटना का वीडियो क्लिप भी सामने आया था, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया। घटना के बाद मरीज के परिजनों की ओर से डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस मामले की जांच फिलहाल पुलिस कर रही है।
डॉक्टर को 22 को कर दिया गया था निलंबित
हालांकि, वीडियो क्लिप और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. राघव निरुला को 22 दिसंबर को ही निलंबित कर दिया गया था।इसके बाद राज्य सरकार ने 23 दिसंबर को एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इसके बाद बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसरों में अनुशासनहीनता और हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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