शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद रूल्स-2025 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब राज्य में पर्यटन परियोजनाओं की मंजूरी अधिकतम 45 दिन में प्रदान की जाएगी और निवेशकों को 36 महीनों के भीतर प्रोजेक्ट पूरा करना अनिवार्य होगा।
परियोजना स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए निवेशक को आवेदन फार्म-1 के साथ DPR, भूमि दस्तावेज, सड़क और पानी की उपलब्धता रिपोर्ट, बिजली कनेक्शन, ढलान स्थिरीकरण प्लान और विभागीय NOC शामिल करना अनिवार्य होगा। नोडल अधिकारी 15 दिनों में दस्तावेजों की जांच करेंगे। यदि कमियां पाई जाती हैं तो निवेशक को 14 दिनों में सुधार पूरा करना होगा। नियम-9 के अनुसार, रियल एस्टेट आधारित पर्यटन परियोजनाओं के लिए 20 लाख की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गई है।
24 महीने की अतिरिक्त समय सीमा 10% शुल्क के साथ
परियोजना तय समय में पूरी न होने पर परिषद 24 महीने की अतिरिक्त समय सीमा दे सकती है, लेकिन निवेशक को 10% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। पर्यटन विभाग निवेशकों के लिए एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करेगा, जहां आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज अपलोड, विभागीय अनुमति और प्रोजेक्ट प्रगति की ट्रैकिंग एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे समय की बचत के साथ पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गलत या भ्रामक जानकारी देने पर आवेदन रद्द, सुरक्षा राशि जब्त और भविष्य के लिए आवेदन प्रतिबंधित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री होंगे चेयरमैन, पर्यटन मंत्री उपाध्यक्ष
नए नियमों के अनुसार मुख्यमंत्री परिषद के चेयरमैन और पर्यटन मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। मुख्य सचिव, वित्त सचिव, उद्योग सचिव, पर्यावरण सचिव, नगर एवं ग्राम नियोजन सचिव सहित कुल 14 वरिष्ठ अधिकारी परिषद का हिस्सा होंगे। परिषद की बैठक हर महीने अनिवार्य रूप से आयोजित होगी, ताकि परियोजनाओं की प्रगति और बाधाओं पर तुरंत निर्णय लिए जा सकें।
