एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) द्वारा आज शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर 24 घंटे का अनशन शुरू किया गया। दोपहर करीब एक बजे शिक्षक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और जोरदार नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रमुख मांगें और मुद्दे:
CAS प्रमोशन पर रोक हटाई जाए:
संघ का कहना है कि Career Advancement Scheme (CAS) पर राज्य सरकार द्वारा 2022 में लगाई गई रोक के कारण पिछले चार वर्षों से किसी भी शिक्षक को प्रमोशन नहीं मिला है। यह स्थिति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों — हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, तकनीकी विश्वविद्यालय, वानिकी और कृषि विश्वविद्यालय — में बनी हुई है।प्रमोशन की सामान्य प्रक्रिया को बहाल किया जाए:
अन्य सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन दिया जा रहा है, लेकिन विश्वविद्यालयों में शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। इससे न केवल शिक्षकों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि विश्वविद्यालय की NAAC रैंकिंग भी गिर रही है।आवासीय भवनों की संख्या बढ़ाई जाए:
वर्तमान में विश्वविद्यालय में कुल 256 शिक्षक हैं, लेकिन केवल 80 के लिए ही आवास उपलब्ध हैं। हपुटवा की मांग है कि तुरंत प्रभाव से दो नए आवासीय भवनों का निर्माण किया जाए।डीए की लंबित किस्त जारी की जाए:
राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) लंबे समय से रोका गया है, जिसे जल्द जारी करने की मांग की गई है।चाइल्ड केयर लीव की व्यवस्था लागू की जाए:
संघ ने महिला शिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL) की भी मांग की है, जो वर्तमान में विश्वविद्यालय में उपलब्ध नहीं है।
27 सितंबर को कार्यकारी परिषद की बैठक का होगा विरोध
संघ ने घोषणा की है कि 27 सितंबर को होने वाली कार्यकारी परिषद की बैठक का विरोध किया जाएगा। इस बैठक में सरकार के प्रतिनिधियों सहित अन्य नामित सदस्य भाग लेंगे। सभी सदस्यों को काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
संघ की अपील:
हपुटवा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की सभी लंबित मांगों को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए, ताकि राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता और गुणवत्ता मिल सके।