एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की शिंगला पंचायत के शनेरी गांव में स्थित देवता साहब जाहरू नाग की कोठी रविवार देर रात भीषण आग की चपेट में आकर राख हो गई। चार मंजिला यह भव्य मंदिर करीब अढ़ाई करोड़ रुपये की लागत से हाल ही में तैयार किया गया था और इसके उद्घाटन की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन कुछ ही घंटों में श्रद्धा और आस्था का यह प्रतीक स्थल राख में तब्दील हो गया।
🔸 घटना स्थल पर पहुंचे विधायक नंद लाल
बुधवार को प्रदेश के सातवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंद लाल शनेरी पहुंचे और अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा यह केवल एक मंदिर का नुकसान नहीं, बल्कि हमारी आस्था और पहचान का भी नुकसान हुआ है। देवता जाहरू नाग की कोठी इस क्षेत्र की संस्कृति और श्रद्धा का केंद्र रही है। इसके जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए सरकार से हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि यह कोठी एक बार फिर अपने भव्य स्वरूप में खड़ी हो सके और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी रहे।
🔸 धूं-धूं कर जली श्रद्धा की प्रतीक कोठी
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरी कोठी धूं-धूं कर जल उठी। ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसे काबू में लाना संभव नहीं हो सका। इस अग्निकांड में मंदिर की लकड़ी की संरचना, धार्मिक सामग्री और ऐतिहासिक धरोहरें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
🔸 ग्रामीणों ने की पुनर्निर्माण और मुआवजे की मांग
इस दुखद घटना से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया है। ग्रामीणों ने कहा कि यह मंदिर केवल एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों लोगों की आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक था। उन्होंने मंदिर के पुनर्निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
इस मौके पर उपमंडलाधिकारी रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह, डीएसपी नरेश शर्मा, एक्सईन लोनिवि शक्ति सिंह और डीएफओ गुरहर्ष सिंह कई विभागों अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
