एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
उपमंडलाधिकारी रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं नियम 1995 के अंतर्गत गठित उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध दर्ज मामलों की मौजूदा स्थिति, उनकी प्रगति तथा लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे को लेकर गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि रामपुर उपमंडल में इस अधिनियम के तहत अब तक कुल 05 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से 4 मामले तहसील रामपुर और 1 मामला तहसील ननखड़ी में पंजीकृत हुआ है। इनमें से 3 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 2 मामले वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं। पीड़ितों के समर्थन एवं पुनर्वास के तहत बताया गया कि अब तक पात्र व्यक्तियों को आर्थिक राहत एवं पुनर्वास सहायता के रूप में कुल 3 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।
उपमंडलाधिकारी (नागरिक) हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध सभी कानूनी सहायता, पुनर्वास सहयोग एवं वित्तीय लाभ पीड़ितों तक समय पर पहुंचाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं बेहतर विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए तथा अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अधिनियम का संक्षिप्त परिचय
एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों को अत्याचार, उत्पीड़न एवं भेदभाव से संरक्षण प्रदान करने वाला एक विशेष कानून है। इसके अंतर्गत त्वरित जांच, विशेष न्यायालयों में सुनवाई, कठोर दंड का प्रावधान, पीड़ितों को राहत, पुनर्वास एवं कानूनी सहायता तथा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न स्तरों पर सतर्कता एवं निगरानी समितियों का गठन किया गया है।
अपने संबोधन में उपमंडलाधिकारी (नागरिक) ने कहा कि “एससी/एसटी (PoA) अधिनियम सामाजिक न्याय एवं समानता का एक प्रभावशाली माध्यम है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक तत्परता, संवेदनशीलता और सामुदायिक सहयोग अनिवार्य है।”
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी राजेन्द्र नेगी, तहसीलदार ननखड़ी अनमोल शर्मा, नायब तहसीलदार रामपुर सुरेश नेगी, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल.एम. शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति के सदस्य एवं आमंत्रित प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं उपमंडलीय पुलिस अधिकारी नरेश शर्मा एवं खण्ड विकास अधिकारी ननखड़ी कार्तिक डोगरा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
