एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि “मेरा हिमाचल, चिट्टा मुक्त हिमाचल” केवल नारा नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य को बचाने का संकल्प है। उन्होंने बिलासपुर में चिट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक जन-आंदोलन के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) से लुहणु मैदान तक आयोजित एंटी-चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन का नेतृत्व किया। इस दौरान समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली और पूरा शहर चिट्टा विरोधी नारों से गूंज उठा।

वॉकथॉन से पूर्व मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को नशे और मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध जागरूकता शपथ दिलाई। लुहणु मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चिट्टा युवाओं के सपनों और परिवारों की खुशियों को नष्ट कर रहा है, इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से इस आंदोलन की अगुवाई करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार प्रदेश में एंटी-चिट्टा वॉलंटियर योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनसीसी, एनएसएस, युवा क्लबों और जागरूक युवाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला के कोटला बड़ोग में बन रहे पुनर्वास केंद्र के लिए राज्य सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने सरकार की ठोस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में राज्यव्यापी नाका अभियान, समकालिक तलाशी, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष अभियान, मेडिकल दुकानों की जांच, पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कुख्यात तस्करों की गिरफ्तारी तथा अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि परिणामों के साथ जमीन पर उतारी जा रही है।
इस अवसर पर नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज और बंबर ठाकुर, नशा निवारण बोर्ड के सह-संयोजक संजय भारद्वाज, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त राहुल कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
