एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। एचपीएमसी रामपुर में खाद और टीएसओ की भारी किल्लत ने सेब उत्पादक बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूर्व भाजपा प्रत्याशी कौल सिंह नेगी ने रामपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सरकार और एचपीएमसी प्रबंधन पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि एचपीएमसी रामपुर में खाद और टीएसओ की अनुपलब्धता के कारण बागवानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सेब उत्पादकों का कहना है कि समय पर आवश्यक कृषि सामग्री न मिलने से उनकी बागवानी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। हालात यह हैं कि टीएसओ लेने के लिए एचपीएमसी रामपुर कार्यालय पहुंचने वाले बागवानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि एचपीएमसी रामपुर द्वारा बागवानों से सवा दो लाख से अधिक सेब की बोरियां खरीदी गईं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब सात करोड़ रुपये है। इसके बावजूद बीते वर्ष की लगभग 50 लाख रुपये की देनदारियां अभी तक बकाया हैं। वहीं, रामपुर से जिला कुल्लू के निरमंड खंड को भी आपूर्ति किए जाने से स्थानीय बागवानों के लिए खाद और टीएसओ की उपलब्धता और कम हो गई है।
रामपुर क्षेत्र में टीएसओ की वार्षिक खपत लगभग एक लाख लीटर है, जबकि अब तक केवल तीन हजार लीटर टीएसओ ही उपलब्ध हो पाया है। इसके अलावा खाद के टेंडर भी अभी तक नहीं हो सके हैं, जिससे समस्या और अधिक गंभीर हो गई है। बागवानों का कहना है कि जनवरी और फरवरी के शुरुआती दिनों में टीएसओ और खाद का प्रयोग किया जाता है, लेकिन समय पर आपूर्ति न होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कौल सिंह नेगी ने कहा कि पहले दिसंबर माह तक खाद और टीएसओ उपलब्ध करवा दिए जाते थे, ताकि बागवान समय पर इनका उपयोग कर सकें। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीते वर्ष भारी ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदा के चलते बागवानों को भारी नुकसान हुआ था और अधिकतर सेब एचपीएमसी के माध्यम से भेजे गए थे। इस पर बागवानों को कई सालों तक भुगतान नहीं किया जाता है। जबकि इस एवज में बागवानी से जुड़े जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए जाते हैं, वे भी नहीं मिल रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया तो भाजपा रामपुर में आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
