एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों के बाद बड़ा फैसला लेते हुए सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगम में मेयर पद 5 साल के लिए अनारक्षित (ओपन) घोषित कर दिए हैं। शहरी विकास विभाग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। सरकार की अधिसूचना के अनुसार चारों नगर निगमों में अब कोई भी निर्वाचित पार्षद मेयर पद के लिए दावेदारी कर सकेगा।
पिछले कार्यकाल में धर्मशाला और सोलन नगर निगम में मेयर पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित था, जबकि मंडी और पालमपुर में यह सीट अनारक्षित थी। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद आदेश की प्रतियां राज्य चुनाव आयोग, शहरी विकास निदेशालय, संबंधित उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों को भेज दी गई हैं। हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में सोलन, मंडी और धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस अपना वर्चस्व स्थापित करने में कामयाब रही। चुनाव परिणामों के बाद अब मेयर पद अनारक्षित होने से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने बहुमत वाले नगर निगमों में मेयर पद के लिए संभावित उम्मीदवारों पर मंथन कर रही हैं।
मेयर पद को लेकर बढ़ी पार्षदों की दावेदारी
मेयर पद ओपन होने से पार्षदों के बीच दावेदारी बढ़ गई है। सोलन, मंडी और धर्मशाला में भाजपा के कई पार्षद मेयर पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं, जबकि पालमपुर में कांग्रेस के भीतर भी दावेदार सक्रिय हो गए हैं। इसके साथ ही उपमहापौर (डिप्टी मेयर) पद को लेकर भी राजनीतिक समीकरण बनना शुरू हो गए हैं। दोनों प्रमुख दलों के सामने अपने-अपने पार्षदों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी, ताकि किसी प्रकार की नाराजगी या बगावत की स्थिति पैदा न हो।
