एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU Shimla ) इकाई ने फीस वृद्धि और छात्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री तथा कुलपति (VC) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार मिलकर आम व गरीब छात्रों को लूटने का काम कर रहे हैं।
माइग्रेशन से लेकर स्पेशल एग्जाम तक… भारी फीस वृद्धि का विरोध
धरने को संबोधित करते हुए एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने आंकड़े साझा करते हुए फीस वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। कहा, “गद्देदार कुर्सियों पर बैठने वाले कुलपति, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को गरीब छात्रों की कोई परवाह नहीं है। विश्वविद्यालय को शिक्षा का मंदिर बनाने के बजाय कमाई का जरिया बना दिया गया है।
| मद (Item) | पुरानी फीस | नई बढ़ी हुई फीस |
| माइग्रेशन फीस | ₹600 | ₹1,300 |
| स्पेशल एग्जाम फॉर्म | ₹20,000 | ₹50,000 |
| डुप्लीकेट डिग्री | ₹300 | ₹600 |
| करेक्शन फीस | ₹600 | ₹1,200 |
| मास्टर पाठ्यक्रम | – | ₹7,500 तक की वृद्धि |
| पेपर व प्रैक्टिकल फीस | – | ₹1,800+200 से ₹3,000+800 तक |
डिजिटल लाइब्रेरी और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर उठाए सवाल

एबीवीपी ने विश्वविद्यालय परिसर की खस्ताहाल व्यवस्थाओं पर भी प्रशासन को घेरा:
डिजिटल लाइब्रेरी का अभाव: आधुनिकता के दौर में हिमाचल का पहला राज्य विश्वविद्यालय अभी तक डिजिटल लाइब्रेरी से महरूम है, जिससे छात्र पिछड़ रहे हैं।
हॉस्टल और इंफ्रास्ट्रक्चर: नए हॉस्टलों का निर्माण, मौजूदा हॉस्टलों में अवैध एंट्री पर रोक, बेहतर खाना, पार्किंग और इनडोर स्टेडियम के निर्माण की मांग की गई।
बसों की घटती संख्या: पहले छात्रों के लिए 8 बसें चलती थीं, जो अब घटकर केवल 3 रह गई हैं। बार-बार मांगने पर भी केवल झूठे आश्वासन मिल रहे हैं।
सेंट्रल लाइब्रेरी की बदहाली: केंद्रीय पुस्तकालय के शौचालयों में पाइप लीकेज के कारण बदबू फैल रही है, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। इसके साथ ही प्रत्येक टेबल पर चार्जिंग पॉइंट की मांग उठाई गई।
सड़कों पर उतरेगा छात्र बल, सरकार को चेतावनी
विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि फीस वृद्धि का निर्णय तुरंत वापस नहीं लिया गया और डिजिटल लाइब्रेरी सहित छात्रों की मूलभूत मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को उग्र किया जाएगा और छात्र अपनी आवाज बुलंद करने के लिए पूरे प्रदेश की सड़कों पर उतरेंगे।
