एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ शिमला पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज की गहन जांच के आधार पर हिमाचल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैले एक विशाल अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने न केवल नशा तस्करों को पकड़ा है, बल्कि उनके वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़कर ड्रग किंगपिन को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
इस बड़ी कार्रवाई के मुख्य बिंदु
बड़ी कामयाबी: हिमाचल सहित 5 राज्यों (UP, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़) में फैला था ड्रग्स का जाल।
रोहड़ू कनेक्शन: 9 ग्राम चिट्टे से जांच शुरू हुई और चंडीगढ़ से मुख्य सरगना वासु सिंघानिया दबोचा गया।
कोटखाई कनेक्शन: 64 ग्राम चिट्टा मामले में लंबे समय से फरार पंजाब का सप्लायर अमित महेव मोहाली से गिरफ्तार।
तगड़ा प्रहार: वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 58 बड़े ड्रग सरगना गिरफ्तार, 48 नेटवर्क ध्वस्त।
मामला 1 : रोहड़ू से चंडीगढ़ तक जुड़ा नेटवर्क, 14 लाख का संदिग्ध लेन-देन उजागर
इस बड़े नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब 15 मार्च 2026 को रोहड़ू पुलिस ने सार्थक सूद (29) नाम के युवक से 9 ग्राम चिट्टा बरामद कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस केवल इस बरामदगी पर नहीं रुकी, बल्कि आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों और यूपीआई (UPI) लेन-देन का बारीक विश्लेषण किया।
ऐसे खुली परतें: जांच के धागे उत्तर प्रदेश पहुंचे, जहां से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।
चंडीगढ़ से सरगना गिरफ्तार: अमित से पूछताछ में राजस्थान के चूरू निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया का नाम सामने आया, जो चंडीगढ़ में बैठकर यह सिंडिकेट चला रहा था। शिमला पुलिस ने 15 जुलाई को वासु को चंडीगढ़ से दबोच लिया।
वैध आय शून्य, खाते में लाखों: वित्तीय जांच में सामने आया कि वासु के खाते में पिछले 6 महीनों में 14 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हुआ था, जबकि उसके पास कमाई का कोई वैध जरिया नहीं था।
मामला 2 : कोटखाई पुलिस की बड़ी रेड, मोहाली से पकड़ा गया तस्कर
दूसरा मामला कोटखाई थाना क्षेत्र का है, जहां 3 जुलाई 2026 को हुल्ली में नाकाबंदी के दौरान एक गाड़ी से 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा को गिरफ्तार किया था। जब पकड़े गए आरोपियों के डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया, तो पता चला कि यह चिट्टा मोहाली (पंजाब) के रहने वाले अमित महेव से खरीदा गया था। आरोपी अमित गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और फोन बंद कर अंडरग्राउंड था। लेकिन शिमला पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के दम पर 18 जुलाई 2026 को उसे मोहाली से धर दबोचा।
शिमला पुलिस का संकल्प: सिर्फ नशा पकड़ना नहीं, आर्थिक रीढ़ तोड़ना लक्ष्य
शिमला पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि उनका मकसद सिर्फ नशा पकड़ना नहीं, बल्कि नशे की काली कमाई से खड़े किए गए आर्थिक तंत्र को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है। पुलिस के अनुसार, साल 2026 में अब तक कड़ियों से कड़ियां जोड़कर 58 मुख्य सरगनाओं को दबोचा जा चुका है और 48 प्रमुख अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया गया है। यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
