एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान लगातार जारी है। इस अभियान के तहत नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जा रही है। पुलिस थाना रोहड़ू में 2 फरवरी को दर्ज मामले के तहत तहत पुलिस ने मेहंदली पुल (रोहड़ू) के पास पंजाब के दो युवकों जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह को 83 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) सहित गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की विशेष जांच टीम ने आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया, जिससे नशा तस्करी की सप्लाई चेन का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि इस अवैध कारोबार में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। 10 फरवरी को थाना रोहड़ू पुलिस ने तीन और आरोपियों—आशीष चौहान (24) निवासी खशधार, चिड़गांव; नवीन शिट्टा (31) निवासी गोक्सवारी, चिड़गांव; तथा दीवान चंद (39) निवासी सुंधा, चिड़गांव—को गिरफ्तार किया।
पुलिस रिमांड के दौरान खुलासा हुआ कि जशनदीप रोहड़ू-चिड़गांव क्षेत्र में चिट्टा सप्लाई करता था और उसका मुख्य सहयोगी विजेंद्र मेहता उर्फ छोट्टू था, जो चिड़गांव क्षेत्र में मेजर डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम करता था। वह जशनदीप से चिट्टा खरीदकर स्थानीय स्तर पर अपने अन्य साथियों के माध्यम से युवाओं को बेचता था।
जांच में यह भी सामने आया कि 1 फरवरी 2026 को जशनदीप पंजाब के मोगा से करीब 120 ग्राम चिट्टा रोहड़ू लाया था, जिसमें से लगभग 37 ग्राम विजेंद्र को बेचा गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए विजेंद्र उर्फ छोट्टू कुछ समय पहले इलाके से फरार होकर नेपाल भाग गया था।
13 फरवरी 2026 को थाना रोहड़ू की टीम ने गहन जांच और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उत्तराखंड और नेपाल पुलिस की संयुक्त सहायता से 48 घंटे के विशेष ऑपरेशन में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वनवासा से वांछित आरोपी विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू (35 वर्ष) निवासी सुंधा भौंडा, तहसील चिड़गांव, जिला शिमला को गिरफ्तार कर लिया। विजेंद्र सिंह के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में कुल 63 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था।
इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच हर पहलू से जारी है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 48 मुकदमे दर्ज कर 94 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
