एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
दत्तनगर में सोमवार को दूध उत्पादकों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मिल्क प्लांट के समीप चक्का जाम किया। हिमाचल दूध उत्पादक संघ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में उत्पादकों ने दूध के भुगतान में देरी और अन्य लंबित मांगों को लेकर रोष जताया।
दूध उत्पादकों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित विभाग से लिखित और मौखिक रूप से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या दूध के भुगतान में हो रही देरी की है। कई बार उत्पादकों को दो से तीन महीने बाद भुगतान मिलता है। उन्होंने मांग की कि दूध का भुगतान हर महीने की 10 तारीख से पहले डीबीटी के माध्यम से किया जाए।
इसके अलावा सभी दुग्ध सहकारी समितियों में दूध की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने और पहले से स्थापित मशीनों को सुचारू रूप से चलाने की भी मांग उठाई गई। उत्पादकों ने सभी सोसाइटियों में अच्छी गुणवत्ता वाला पशु आहार नियमित रूप से उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
संघ ने मिल्क प्लांट और सभी चिलिंग सेंटरों में खाली पड़े पदों को जल्द भरने की मांग की। साथ ही चिलिंग सेंटर केपू और यूनिट-1 दत्तनगर को तुरंत चालू करने की भी मांग की गई, ताकि गर्मियों में दूध खराब होने से बचाया जा सके।
इसके अतिरिक्त सभी चिलिंग सेंटरों में दूध की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक और तेज मशीनें लगाने, पशु औषधालयों में खाली पदों को भरने और उन्नत किस्म का सीमन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। दूध उत्पादकों ने यह भी कहा कि दूध की बाल्टियों को मिल्क प्लांट और चिलिंग सेंटर से साफ करके वापस दिया जाए तथा दूध परिवहन करने वाली गाड़ियों का भुगतान भी समय पर किया जाए।
संघ ने दत्तनगर प्लांट और चिलिंग सेंटरों में दूध उत्पादकों और सोसायटी सचिवों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने की मांग भी रखी। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से जल्द समाधान निकालने की अपील की, ताकि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल सके और उत्पादकों को राहत मिल सके।
इस दौरान हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, राज्य सचिव देवकी नंद, दूध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान सहित रणजीत ठाकुर, तुला राम, सुभाष, कुलदीप, मिलाप, सुषमा, कृष्णा राणा, सरोजनी, सरोज, तारा देवी, शकुंतला, निहाल चंद, दुर्गा, करतार, राम लाल, पूजा, प्रीति और रंजना सहित कई दूध उत्पादक मौजूद रहे।
