एआरबी टाइम्स ब्यूरो | बिलासपुर
राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कहलूर लोकोत्सव-2026 में जिले की समृद्ध लोक संस्कृति के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं। कार्यक्रम में लोक संगीत, लोक नृत्य, लोक गाथाएं सहित कई पारंपरिक प्रस्तुतियां शामिल हैं, जो दर्शकों को हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवा रही हैं।

लोकोत्सव के पहले दिन विभिन्न महिला मंडलों और स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने आकर्षक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद गिद्दा, लोक गीत, संस्कार गीत, लोक नृत्य, गुगा गाथा और एकल गीत की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के साथ हिमाचली संस्कृति की जीवंत झलक पेश की, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। बुधवार को सहायक आयुक्त राज कुमार ने कहलूर लोकोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि कहलूर लोकोत्सव-2026 का उद्देश्य स्थानीय परंपराओं और कला को बढ़ावा देना और उभरते कलाकारों को मंच प्रदान करना है। आयोजन समिति की संयोजक एवं जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने बताया कि कहलूर लोकोत्सव-2026 में जिला सहित आसपास के क्षेत्रों से लगभग 47 महिला मंडल, स्वयं सहायता समूह, व्यक्तिगत कलाकार और विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाएं भाग ले रही हैं।
