एआरबी टाइम्स ब्यूरो | कुल्लू
कुल्लू हत्या मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा की अदालत ने सुरेंद्र टिग्गा की हत्या के मामले में उसकी पत्नी प्रियंका और सह आरोपी किशोर टप्पा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
यह कुल्लू हत्या मामला वर्ष 2018 से जुड़ा है। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने जानकारी दी कि एक अप्रैल 2018 को कुल्लू के जिया गांव में एक कुएं से एक शव बरामद हुआ था। प्रारंभ में शव की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन 4 अप्रैल को मृतक की बहन प्रमिला ने उसकी पहचान सुरेंद्र टिग्गा के रूप में की। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सुरेंद्र टिग्गा मूल रूप से छत्तीसगढ़ का निवासी था और जिया में स्थित डीकेएस कंपनी में मजदूरी करता था। जांच के दौरान यह सामने आया कि उसकी हत्या उसकी पत्नी प्रियंका और उसके सहयोगी किशोर टप्पा ने मिलकर की थी। दोनों ने 24 जनवरी 2018 की रात सुरेंद्र को कुएं में फेंककर हत्या को अंजाम दिया।
इस कुल्लू हत्या मामला में थाना सदर कुल्लू में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 18 गवाह पेश किए, जिनके आधार पर अपराध सिद्ध हुआ। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए प्रियंका (निवासी सन्ना, तहसील बागीचा, जिला जशपुर, छत्तीसगढ़) और किशोर टप्पा (निवासी खोली बारी, तहसील दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला लंबे समय से चले आ रहे इस कुल्लू हत्या मामला में न्याय की दिशा में अहम माना जा रहा है।
