एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान हुई हर्ष फायरिंग ने एक महिला की जान ले ली। यह दर्दनाक घटना रविवार देर रात उस समय हुई, जब देवता के अनुष्ठान में लोग पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नाच-गा रहे थे। महिला की पहचान रीतिका उर्फ गुड़िया निवासी गांव बकोरा, आंध्रा (चिड़गांव) के रूप में हुई है। उधर, पुलिस ने मामले में दो आरोपियों रजत और अमित को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
हर्ष फायरिंग बनी मौत की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आयोजन के दौरान कुछ लोग हर्ष फायरिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक गोली भीड़ में खड़ी रीतिका को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई।
अस्पताल में प्रदर्शन, प्रशासन पर सवाल
घटना के बाद जब महिला का शव रोहड़ू अस्पताल पहुंचा, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और स्थानीय विधायक व एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों ने आरोप लगाया कि फायरिंग के दौरान पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही और समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में शव को एंबुलेंस के माध्यम से शिमला भेजा गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि हर्ष फायरिंग से बचें, क्योंकि यह अवैध होने के साथ-साथ जानलेवा भी हो सकती है।
BJP का सरकार पर हमला
भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हर्ष फायरिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार इन्हें रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। साथ ही, शव को ले जाने की व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और इसे असंवेदनशीलता करार दिया।
