एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
शिव भक्तों के लिए राहत भरी खबर है। उपमंडल रामपुर के फांचा मार्ग से श्रीखंड महादेव यात्रा जल्द शुरू हो सकती है। तकनीकी निरीक्षण दल ने पूरे मार्ग का सर्वेक्षण करने के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम रामपुर को सौंप दी है। एसडीएम ने रिपोर्ट का अवलोकन कर आगामी कार्रवाई के लिए उपायुक्त शिमला को भेज दिया है। अब अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान (एबीवीआईएमएएस), मनाली के सीनियर माउंटेनियरिंग सुपरवाइजर अनिरुद्ध चौहान की रिपोर्ट के अनुसार फांचा से श्रीखंड महादेव तक का मार्ग यात्रा के लिए उपयुक्त और सुरक्षित पाया गया है। हालांकि रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यात्रा शुरू करने से पहले सभी अनुशंसित सुरक्षा उपायों और प्रबंधन व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक होगा। रिपोर्ट के अनुसार यह मार्ग घने जंगलों, अल्पाइन घास के मैदानों, मोरेन क्षेत्र, मौसमी हिम पुलों और जलधारा पार करने वाले स्थानों से होकर गुजरता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्पा भाभी को पहला पड़ाव, शकरांडा को विश्राम एवं जलपान केंद्र तथा माजबौन को दूसरा पड़ाव विकसित करने की सिफारिश की गई है।
विशेषज्ञों ने शकरांडा से माजबौन के बीच के हिस्से को सबसे संवेदनशील क्षेत्र बताया है। यहां संकरी पगडंडियां, मोरेन क्षेत्र, हिम पुल और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। इसलिए इस हिस्से में सुरक्षा अवसंरचना विकसित करने और चरणबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित करने की अनुशंसा की गई है। रिपोर्ट में अनिवार्य पंजीकरण, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग, स्वास्थ्य जांच, यात्रा पूर्व सुरक्षा ब्रीफिंग, विभिन्न चेक-पॉइंट्स पर निगरानी तथा समन्वित बचाव एवं राहत व्यवस्था लागू करने की भी सिफारिश की गई है। साथ ही स्थानीय युवाओं को पर्वतारोहण, खोज एवं बचाव तथा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने का सुझाव भी दिया गया है।
यदि सभी सुरक्षा और आधारभूत सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाती हैं तो फांचा-श्रीखंड महादेव मार्ग सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल तीर्थ मार्ग के रूप में विकसित हो सकेगा। इससे वर्तमान निरमंड मार्ग की तुलना में यात्रा का समय भी कम होगा और श्रद्धालु लगभग दो दिन में श्रीखंड महादेव पहुंच सकेंगे, जबकि अभी यात्रा पूरी करने में सामान्यतः तीन से चार दिन लगते हैं।
एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट उपायुक्त शिमला को भेज दी गई है। उपायुक्त के निर्देश मिलने के बाद फांचा मार्ग से श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
