एआरबी टाइम्स ब्यूरो | किन्नौर
किन्नौर जिले के विकास खंड पूह की ग्राम पंचायत रारंग में 20 से 24 जून, 2026 तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय राज्य स्तरीय गुरु संज्ञास मेले का शुभारंभ शनिवार को उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर एवं मेला ध्वजारोहण के साथ किया।इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि रारंग गांव महायान बौद्ध संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र है और स्थानीय युवाओं को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने वर्तमान तनावपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. शर्मा ने कहा कि मेले और त्योहार समाज में भाईचारा, सौहार्द और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। किन्नौर की समृद्ध संस्कृति, परंपराएं और रीति-रिवाज विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं तथा यहां आयोजित होने वाले मेले और उत्सव इस सांस्कृतिक धरोहर को और समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में कठिन जीवनशैली के बीच ऐसे आयोजन लोगों को मनोरंजन, सामाजिक मेलजोल और मानसिक राहत प्रदान करते हैं। मेले एवं त्योहार किसी भी समाज की धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान के महत्वपूर्ण प्रतीक होते हैं। किन्नौर में बौद्ध संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है।
उपायुक्त ने बताया कि गुरु पद्मसंभव को समर्पित गुरु संज्ञास मेला स्थानीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इसके संरक्षण और विकास के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन लगातार सहयोग प्रदान कर रहे हैं। मेले के दौरान सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि आयोजन सफल और आकर्षक बन सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य, जिला और क्षेत्रीय स्तर के मेलों एवं त्योहारों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।
इस अवसर पर कार्यकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह घनश्याम दास शर्मा ने मुख्य अतिथि का पारंपरिक किन्नौरी टोपी एवं खतक भेंट कर स्वागत किया तथा मेले के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय मेले में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पांच सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन मुख्य आकर्षण रहेगा।
कार्यक्रम में तहसीलदार पूह भीम सिंह नेगी, खंड विकास अधिकारी पूह इंदर सिंह नेगी, बौद्ध संस्कृति विशेषज्ञ नरेंद्र गुरु, पंचायत प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
