Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram Threads
    Monday, September 14
    एआरबी टाइम्स
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • कांगड़ा
      • किन्नौर
      • कुल्लू
      • ऊना
      • चंबा
      • मंडी
      • सिरमौर
      • सोलन
      • हमीरपुर
      • बिलासपुर
      • रामपुर बुशहर
    • राजनीति
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • क्राइम
      • अदालत
    • स्पोर्ट्स
    • मौसम
    • राशिफल
    एआरबी टाइम्स
    किन्नौर

    Kinnaur : किन्नौर कैलाश यात्रा आज से: रोज सिर्फ 375 श्रद्धालुओं को अनुमति, बिना मेडिकल फिटनेस टेस्ट के एंट्री बैन

    भगवान शिव के पवित्र धाम किन्नौर कैलाश यात्रा आज से शुरू हो रही है। प्रतिदिन 375 श्रद्धालु यात्रा पर जा सकेंगे। जिला प्रशासन ने तंगलिंग मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
    ARB Times DeskBy ARB Times DeskJuly 30, 2026No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    Follow Us
    Facebook X (Twitter)

    एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रिकांगपिओ

    किन्नौर कैलाश यात्रा आज से शुरू हो रही है। 375 श्रद्धालुओं का पहला जत्था तंगलिंग से सुबह-सवेरे धार्मिक यात्रा पर रवाना होगा। जिला प्रशासन किन्नौर ने यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।प्रशासनिक निर्णय के अनुसार, यह यात्रा 30 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी। हालांकि, यात्रा की अनुमति पूरी तरह से मौसम के रुख और परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रतिदिन अधिकतम 375 श्रद्धालु ही यात्रा पर जा सकेंगे। बिना आधिकारिक पंजीकरण और अनिवार्य मेडिकल फिटनेस टेस्ट के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा केवल निर्धारित तंगलिंग-मेलिंग खाता-गुफा मार्ग से ही संचालित होगी।

    सुरक्षा और स्वास्थ्य के कड़े इंतजाम

    दुर्गम यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, चिकित्सा और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, जल शक्ति विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। किन्नौर कैलाश यात्रा समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम कल्पा प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रियों से मौसम संबंधी सरकारी एडवाइजरी का पालन करने और केवल अधिकृत पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर निकलने की अपील की है।

    किन्नौर कैलाश यात्रा का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व

    भगवान शिव के प्रमुख धामों में से एक किन्नौर कैलाश (Kinnaur Kailash) यात्रा बेहद पवित्र और साथ ही अत्यंत दुर्गम मानी जाती है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित यह पावन स्थल श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स दोनों के लिए विशेष महत्व रखता है। यदि आप भी किन्नौर कैलाश की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इसके धार्मिक महत्व, बरती जाने वाली सावधानियों और साथ ले जाने वाली जरूरी सामग्री के बारे में पूरी जानकारी नीचे दी गई है। किन्नौर कैलाश की सबसे बड़ी विशेषता पर्वत की चोटी पर स्थित लगभग 72 फीट ऊंचा विशाल प्राकृतिक शिवलिंग है। यह प्राकृतिक रूप से बना हुआ पत्थर का एक अद्भुत ढांचा है। श्रद्धालुओं और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दिव्य शिवलिंग दिन के अलग-अलग समय (सूर्य की किरणों के कोण के साथ) अपना रंग बदलता है। सुबह सूर्योदय के समय लाल, दोपहर में पीला/सुनहरा और शाम को इसका रंग बदलकर सांवला या भूरा हो जाता है। मान्यता है कि किन्नौर कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान है। यहाँ भगवान शिव शीतकाल में अपने गणों के साथ ध्यान और तपस्या करते हैं। शिवलिंग के मार्ग में पार्वती कुंड आता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने यहाँ कई वर्षों तक तपस्या की थी। श्रद्धालु यहां स्नान या आचमन करके ही आगे की चढ़ाई शुरू करते हैं।

    2. यात्रा के दौरान क्या-क्या सावधानी बरतें?

    किन्नौर कैलाश की यात्रा अमरनाथ और श्रीखंड महादेव यात्रा की तरह ही काफी कठिन और जोखिम भरी है, इसलिए निम्नलिखित सावधानियों का पालन जरूर करें:

    • मेडिकल फिटनेस (Mandatory Medical Test): बिना मेडिकल फिटनेस टेस्ट और आधिकारिक रजिस्ट्रेशन के यात्रा पर न निकलें। दिल के मरीज, सांस की बीमारी (Asthma) या उच्च रक्तचाप (BP) से पीड़ित लोग यह यात्रा करने से बचें।

    • एल्टीट्यूड सिकनेस (AMS): ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है। यदि आपको चक्कर आना, सिरदर्द या उल्टी जैसा महसूस हो, तो तुरंत वहीं रुकें और प्राथमिक उपचार लें या नीचे की ओर लौटें।

    • मौसम का विशेष ध्यान दें: पहाड़ी इलाकों में मौसम पल भर में बदल जाता है। अचानक बारिश, बर्फबारी या धुंध होने पर ट्रैकिंग बंद कर दें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

    • निर्धारित मार्ग से ही जाएं: हमेशा तंगलिंग (Tangling) मार्ग जैसे आधिकारिक रास्ते का ही उपयोग करें। शॉर्टकट लेने या ग्रुप से अलग होकर चलने की गलती कभी न करें।

    • स्थानीय गाइड/पोर्टर साथ रखें: यदि आप पहली बार जा रहे हैं, तो एक स्थानीय गाइड को साथ रखना बहुत सुरक्षित रहता है।

    • प्लास्टिक का प्रयोग न करें: यह एक पवित्र और पर्यावरण-संवेदनशील (Eco-sensitive) क्षेत्र है। कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक बोतलें या रैपर्स रास्ते में न फेंकें।

    3. यात्रा में अपने साथ क्या-क्या ले जाएं 

    दुर्गम रास्ते और तेजी से बदलते मौसम को देखते हुए अपनी पैकिंग हल्की लेकिन बेहद जरूरी सामानों से लैस रखें:

    कपड़े और जूते (Clothing & Footwear):

    • ट्रैकिंग शूज़ (Trekking Shoes): मजबूत ग्रिप वाले वॉटरप्रूफ या वाटर-रेसिस्टेंट ट्रैकिंग शूज़ (ग्रिप अच्छी होना सबसे जरूरी है)।

    • गर्म कपड़े: वार्म इनर/थर्मल (Thermal Inners), फ्लीज जैकेट, भारी डाउन जैकेट, और विंडप्रूफ जैकेट।

    • वॉटरप्रूफ गियर: रेनकोट/पोनचो (Poncho) या छाता, और बैग के लिए रेन कवर।

    • एक्सेसरीज: ऊनी टोपी (Beanie), मफलर, ऊनी और वॉटरप्रूफ ग्लव्स (दस्ताने), और 3-4 जोड़ी सूती व ऊनी जुराबें।

    स्वास्थ्य और दवाइयां (First Aid & Medicines):

    • व्यक्तिगत दवाइयां: यदि आपकी कोई नियमित दवा चल रही है।

    • फर्स्ट एड किट: बैंड-एड, कॉटन, दर्द निवारक स्प्रे (Moov/Relispray), एंटीसेप्टिक क्रीम और क्रेप बैंडेज।

    • जरूरी गोलियां: एल्टीट्यूड सिकनेस (Diamox – डॉक्टर की सलाह पर), डिस्प्रिन/पैरासिटामोल (सिरदर्द/बुखार के लिए), उल्टी और दस्त की दवाएं।

    • ऊर्जा और डिहाइड्रेशन से बचाव: ओआरएस (ORS/Electoral), ग्लूकोज, कपूर (ऑक्सीजन की कमी में सूंघने के लिए)।

    खाने-पीने की चीजें (High-Energy Food):

    • रास्ते में सीमित दुकानें मिलती हैं, इसलिए चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम, खजूर), एनर्जी बार, गुड़ और भुने चने जरूर रखें। ये तुरंत ऊर्जा देते हैं।

    • री-यूजेबल (Reusable) पानी की बोतल या हाइड्रेशन बैग।

    अन्य आवश्यक उपकरण (Gear & Essentials):

    • ट्रैकिंग पोल (Trekking Pole): चढ़ाई और उतराई के समय घुटनों और संतुलन के लिए बेहद उपयोगी।

    • हेडलैंप या टॉर्च: अतिरिक्त बैट्री के साथ (सुबह जल्दी चढ़ाई शुरू करने या रात के लिए)।

    • पावर बैंक (Power Bank): ठंड में फोन की बैटरी तेजी से खत्म होती है, नेटवर्क भी सीमित रहेगा।

    • पहचान पत्र : आधार कार्ड/सरकारी पहचान पत्र की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और यात्रा रजिस्ट्रेशन/मेडिकल स्लिप।

    #ARBtimes #HimachalNews #himachalpradesh #HimachalTourism #KinnaurKailash2026 #KinnaurKailashYatra #KinnaurNews #LordShiva
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Previous ArticleShimla : हिमाचल के सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त को नहीं होगी छुट्‌टी: सभी विद्यालय खुले रहेंगे
    Next Article Rampur Bushahr: नाथपा-झाकड़ी परियोजना के दौरे पर पहुंचीं एसजेवीएन की स्वतंत्र निदेशक आरती कुंजूर, परिचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
    ARB Times Desk
    • Website

    Related Posts

    Ganesh Chaturthi 2026 : 14 सितंबर से गणेश उत्सव, जानें क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी और क्या है इसका महत्व

    September 13, 2026

    Kinnaur: 3.50 करोड़ के ईको पार्क और 2.12 करोड़ के वन्यजीव सौंदर्यीकरण कार्यों से छितकुल में बढ़ेंगी पर्यटन गतिविधियां

    September 11, 2026

    Kinnaur: विकासात्मक योजनाओं के बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करें : जगत सिंह नेगी

    September 10, 2026

    Kullu Dussehra 2026 : 21 अक्टूबर से शुरू होगा देवताओं का महाकुंभ, 347 देवी-देवताओं को भेजा निमंत्रण

    September 10, 2026

    Bilaspur News : ढाबों पर मनमानी कीमतों पर लगी रोक, प्रशासन ने जारी की रेट लिस्ट, जानें किस चीज के कितने दाम

    September 10, 2026

    Kinnaur: बागवानी मंत्री ने किया टोनंगचे मोड़ से दयापुंग संपर्क सड़क का शिलान्यास

    September 9, 2026

    Kinnaur: क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर

    September 9, 2026

    Kinnaur: जिला योजना और 20 सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा

    September 8, 2026

    Himachal : मणिमहेश यात्रा में इस बार महिलाओं के लिए बदली व्यवस्था, पवित्र डल और कमलकुंड में स्नान पर रोक

    September 6, 2026

    Rampur Bushahr: रामपुर में परशुराम सेवा समिति का गठन, अशोक शर्मा को अध्यक्ष की जिम्मेदारी

    September 5, 2026

    Manimahesh Yatra : छोटे शाही स्नान पर डल झील में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

    September 5, 2026

    Krishna Janmashtami 2026: आज मध्यरात्रि 11:57 बजे से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र

    September 4, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    September 2026
    MTWTFSS
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930 
    « Aug    
    Useful links

    🛡️ Government Links

    • भारत सरकार पोर्टल
    • हिमाचल प्रदेश सरकार
    • हिमाचल पुलिस
    • हिमाचल प्रदेश सचिवालय
    • NIC
    • RTI Online
    • Election Commission of India

    🎓 Education & Universities

    • HP University (HPU)
    • Central University HP
    • SPU Mandi
    • IGMC Shimla
    • HP Technical University

    💼 Jobs & Services

    • National Career Service
    • HP Employment Portal
    • HPPSC
    • HPSSSB
    • MyGov India
    • UIDAI Aadhaar Services
    Categories
    Archives

    Our Visitor

    1 2 2 7 2 8
    Users Today : 35
    Total Users : 122728
    Total views : 241743
    Home Himachal Crime Politics
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy 
    • Editorial Policy
    • Terms & Conditions
    Copyright © 2026 ARB Times. All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.