एआरबी टाइम्स ब्यूरो, चंबा | मणिमहेश यात्रा (Manimahesh Yatra) के दौरान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को डल झील में छोटे शाही स्नान के लिए करीब 10 से 12 हजार श्रद्धालु पहुंचे। तड़के से ही पवित्र झील में स्नान के लिए भक्तों की कतारें लग गईं। गुरुवार रात डल झील के आसपास ठहरे श्रद्धालुओं ने सुबह पवित्र स्नान किया और चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
छोटे शाही स्नान के दौरान डल झील और आसपास का पूरा क्षेत्र भोले के जयकारों से गूंजता रहा। कठिन पहाड़ी रास्ते और चुनौतीपूर्ण मौसम की परवाह किए बिना देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मणिमहेश पहुंचते रहे। स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कई श्रद्धालु डल झील का पवित्र जल अपने साथ लेकर वापस लौटे। इस बार छोटे शाही स्नान में करीब 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त मणिमहेश पहुंचे।
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राधाष्टमी तक जारी रहेगा आस्था का सिलसिला
छोटे शाही स्नान के बाद भी मणिमहेश पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। यात्रा का अगला प्रमुख पड़ाव राधाष्टमी का बड़ा शाही स्नान होगा। इससे पहले डल झील और मणिमहेश क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ने की संभावना है। श्रद्धालु कठिन चढ़ाई पार कर डल झील तक पहुंच रहे हैं। यहां पवित्र स्नान के बाद चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मान्यता के अनुसार मणिमहेश यात्रा में डल झील में स्नान और भगवान शिव की आराधना का विशेष धार्मिक महत्व है। यात्रा को देखते हुए प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
