एआरबी टाइम्स ब्यूरो, चंबा
जिला चंबा के विकास खंड तीसा की पांच पंचायतों में हुए औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। खंड विकास अधिकारी तीसा गोपाल ठाकुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 25 से अधिक कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, बीडीओ गोपाल ठाकुर ने ग्राम पंचायत सेईकोठी, थनेईकोठी, झज्जाकोठी, शलेलाबाड़ी और हरतवास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई पंचायतों में पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक (जीआरएस), तकनीकी सहायक, टेलरिंग टीचर और पंचायत चौकीदार ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।
इन पंचायतों में मिले कर्मचारी गैरहाजिर
सेईकोठी पंचायत में पंचायत सचिव, जीआरएस, तकनीकी सहायक, टेलरिंग टीचर और पंचायत चौकीदार अनुपस्थित मिले। झज्जाकोठी में तकनीकी सहायक और जीआरएस ड्यूटी पर नहीं पाए गए। वहीं, शलेलाबाड़ी पंचायत में पंचायत सचिव, जीआरएस, तकनीकी सहायक, टेलरिंग टीचर और पंचायत चौकीदार गैरहाजिर मिले।
हरतवास पंचायत में भी पंचायत सचिव, जीआरएस, तकनीकी सहायक, टेलरिंग टीचर और पंचायत चौकीदार के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। थनेईकोठी पंचायत का भी निरीक्षण किया गया।
ग्रामीणों को पंचायतों के चक्कर न काटने पड़ें : बीडीओ
बीडीओ तीसा गोपाल ठाकुर ने स्पष्ट किया कि कार्यक्षेत्र से अधिकारियों और कर्मचारियों का बिना उचित कारण अनुपस्थित रहना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना और ग्रामीणों को उनके छोटे-बड़े कार्यों के लिए बार-बार पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है।
उन्होंने कहा कि विकास खंड तीसा के अन्य क्षेत्रों में भी औचक निरीक्षण का सिलसिला जारी रहेगा। कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यस्थल पर समय पर उपस्थित रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
बीडीओ की इस कार्रवाई के बाद ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
