एआरबी टाइम्स ब्यूरो, चंबा | हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध उत्तर भारत के प्रमुख आस्था केंद्र श्री मणिमहेश की आधिकारिक यात्रा इस वर्ष 25 अगस्त से शुरू होकर 20 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। यात्रा के दौरान पवित्र डल झील में स्नान और दर्शन के लिए देश-विदेश से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
एडीएम (ADM) भरमौर विकास शर्मा ने बताया कि यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है। शनिवार को होने वाली समीक्षा बैठक के बाद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का ड्यूटी शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा, ताकि सभी समय पर अपने-अपने पड़ावों पर तैनात हो सकें।
👉 यह भी पढ़ें : मणिमहेश यात्रा 2026: बिना रजिस्ट्रेशन के नहीं मिलेगा प्रवेश, अगस्त से शुरू होगी बुकिंग, जानिए कितना लगेगा शुल्क
स्नान पर्वों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
यात्रा के दौरान मुख्य आकर्षण रहने वाले विशेष स्नान पर्वों के लिए सुरक्षा और चिकित्सा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं:
विशेष स्नान पर्व: 28 अगस्त को रक्षा बंधन स्नान, इसके बाद श्रावण पूर्णिमा और जन्माष्टमी के पावन अवसर पर होने वाले पवित्र स्नान के लिए विशेष व्यवस्थाएं रहेंगी।
सुरक्षा बल व रेस्क्यू टीमें: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) तथा विशेषज्ञ पर्वतारोहण दलों (Mountaineering Teams) की तैनाती विभिन्न संवेदनशील पड़ावों पर की जाएगी।
विभागीय समन्वय: लोक निर्माण विभाग (PWD), स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को पेयजल, सड़क रखरखाव और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में होने वाली इस धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
