एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
चुनौतियों और मुश्किलों के तमाम तूफानों का सामना करने के बाद आकाश ने अपने लिए एक नया ‘आकाश’ बना लिया है, जहां अब उसके सपनों को उड़ान मिल रही है। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना उसके जीवन में वरदान साबित हुई है। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से शिमला ग्रामीण के पुजारली निवासी आकाश ने मोबाइल रिपेयर की दुकान खोलकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मंगलवार को उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने पुजारली में आकाश की मोबाइल रिपेयर शॉप का शुभारंभ कर उसका हौसला बढ़ाया। आकाश ने अपनी दुकान का नाम ‘द फर्स्ट इंस्पेक्शन’ रखा है। अब वह घर के नजदीक ही अपनी आजीविका अर्जित कर रहा है। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना से ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के जीवन में व्यापक बदलाव आ रहा है और वे अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। आकाश अन्य ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के लिए भी रोल मॉडल है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करने के बाद उसे हासिल करने के लिए मेहनत और दृढ़ संकल्प जरूरी है।
एक साल के अंतराल में माता-पिता को खोया
आकाश के जीवन में वर्ष 2020 और 2021 बेहद कठिन रहे। 19 दिसंबर 2020 को उसके पिता चंद्र कुमार शर्मा का आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद परिवार और बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उसकी मां नीतू शर्मा के कंधों पर आ गई। आकाश अभी पिता को खोने के दुख से उबर भी नहीं पाया था कि दिसंबर 2021 में उसकी मां का भी निधन हो गया। माता-पिता को खोने के बाद आकाश और उसके भाई प्रकाश पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बीच दोनों भाइयों के लिए भविष्य की राह आसान नहीं थी।
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना बनी सहारा
वर्ष 2023 में शुरू हुई मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आकाश के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई। योजना के तहत उसे हर महीने चार हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हुई। ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा मिलने के बाद उसे योजना के अन्य लाभ भी मिलने लगे।आकाश ने पीजीडीसीए डिप्लोमा किया, जिसकी 23 हजार रुपये की फीस विभाग की ओर से वहन की गई। मार्च 2026 में वह मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेने चंडीगढ़ गया। प्रशिक्षण के लिए भी योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आकाश ने पुजारली में मोबाइल रिपेयर की दुकान शुरू की। स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत अब तक उसे एक लाख 40 हजार रुपये का स्टार्टअप फंड जारी किया जा चुका है, जबकि 60 हजार रुपये की अंतिम किस्त के लिए आवेदन किया गया है।
क्या है मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य अनाथ और बेसहारा बच्चों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र बच्चों की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वरोजगार और स्टार्टअप सहित विभिन्न आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान है। ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए सहायता के साथ-साथ स्वरोजगार शुरू करने, घर बनाने और विवाह के लिए भी निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक मदद दी जाती है।
आकाश ने मुख्यमंत्री और सरकार का जताया आभार
आकाश ने कहा, “वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना ने मेरे जीवन में अहम योगदान दिया है। हर महीने मिलने वाली चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता मेरे लिए काफी मददगार रही। मैंने इग्नू से स्नातक की डिग्री हासिल की और शॉर्टहैंड भी सीखा। इसके बाद मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेने का फैसला किया।”
उसने कहा कि योजना के तहत मिली सहायता से वह प्रशिक्षण हासिल करने और पुजारली में मोबाइल रिपेयर की दुकान खोलने में सफल हुआ। आकाश ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर सरकार उनके जीवन में अभिभावक की भूमिका निभा रही है।
