एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिले में सतलुज नदी पर बन रहे 450 मेगावाट के शोंगठोंग-कड़छम जल विद्युत प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसे मार्च-अप्रैल 2027 तक चालू किया जा सके। ऊर्जा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के पावरहाउस का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
मानसून में भी जारी रहेगा बैराज का निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार की निरंतर निगरानी और बेहतर परियोजना नियोजन के कारण काम ने रफ्तार पकड़ी है। मौजूदा मानसून सीजन के दौरान भी बैराज का निर्माण कार्य जारी रहेगा। इसके लिए सतलुज नदी के बहाव को बे (Bays) 4 और 5 के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा, जबकि डायवर्जन बे 1, 2 और 3 पर काम एक साथ आगे बढ़ेगा।
हर साल पैदा होगी 1,579 मिलियन यूनिट बिजली
चालू होने के बाद यह प्रोजेक्ट राज्य की अर्थव्यवस्था में सालाना लगभग 900 करोड़ रुपये का योगदान देगा। इससे हर साल लगभग 1,579 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और ग्रिड को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार हिमाचल के स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और एचपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक भी मौजूद रहे।
