एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू | जिला मुख्यालय कुल्लू में पीलिया (हेपेटाइटिस-ए) के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आ गए हैं। बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पीलिया के 8 नए मरीज भर्ती हुए, जिसके बाद कुल उपचाराधीन मरीजों की संख्या 36 पहुंच गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने जल शक्ति और स्वास्थ्य विभाग की एक आपात बैठक बुलाई और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
संक्रमण की मुख्य वजह दूषित पेयजल मानी जा रही है। इसके चलते जल शक्ति विभाग ने दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) और शहर के सभी 20 सेक्टर स्टोरेज टैंकों की सफाई और सैनिटाइजेशन शुरू कर दिया है। एहतियात के तौर पर जल शोधन संयंत्रों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जिसके कारण जलापूर्ति कुछ समय के लिए प्रभावित रह सकती है।प्रभावित इलाकों में सीवरेज नेटवर्क का निरीक्षण किया जा रहा है और लोगों को क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं।
पानी के सैंपल जांच के लिए पुणे और चंडीगढ़ भेजे जाएंगे
विभाग की ओर से लिए गए 11 शुरुआती पानी के नमूनों में से 10 मानकों पर सही पाए गए हैं, जबकि 1 सैंपल फेल हुआ है। विस्तृत और स्वतंत्र जांच के लिए एनएबीएल (NABL) लैब चंडीगढ़ और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे को भी पानी के सैंपल भेजे जा रहे हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रंजीत ठाकुर के निर्देश पर स्वास्थ्य शिक्षिका निर्मला महंत के नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गांधी नगर, शिशामाटी, अखाड़ा बाजार और ढालपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में ऑटो व लाउडस्पीकर (माइकिंग) के जरिए जागरूकता फैलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोग किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।
स्वास्थ्य विभाग की आम जनता से अपील:
उबला हुआ पानी पीएं: पानी को कम से कम 10 से 15 मिनट उबालने के बाद ही ठंडा करके पीएं।
बाहरी खान-पान से बचें: खुले में बिकने वाली कटी हुई वस्तुओं, गोलगप्पे और स्ट्रीट फूड से परहेज करें।
टैंकों की सफाई करें: अपने घरों की निजी पानी की टंकियों और पाइपलाइनों को तुरंत साफ करें।
लक्षणों को न छुपाएं: त्वचा/आंखों में पीलापन, गहरा पेशाब, उल्टी, या तेज बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
