एआरबी टाइम्स ब्यूरो, चंडीगढ़ / शिमला | देश के पावर सेक्टर और हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक जगत से एक बेहद दुखद खबर आई है। एसजेवीएन के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा का बुधवार देर रात निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। ब्रेन हेमरेज के बाद वे पिछले चार दिनों से पंचकूला के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के दोहाक गांव के रहने वाले नंद लाल शर्मा के आकस्मिक निधन से प्रशासनिक और ऊर्जा जगत में गहरा शोक व्याप्त है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 2:00 बजे चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा।
HAS अधिकारी से SJVN के सीएमडी तक का स्वर्णिम सफर
नंद लाल शर्मा की पहचान ऊर्जा क्षेत्र में एक दूरदर्शी और असाधारण क्षमता वाले प्रशासक के रूप में रही है। उन्होंने वर्ष 1989 में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) अधिकारी के रूप में अपने करियर का आगाज किया था। वर्ष 2008 में वे एसजेवीएन में शामिल हुए। अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता के बल पर वे दिसंबर 2017 से फरवरी 2024 तक कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) के शीर्ष पद पर रहे। उनके कार्यकाल में SJVN ने केवल पारंपरिक जलविद्युत तक सीमित न रहकर सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए। उन्होंने कंपनी का दायरा भारत के विभिन्न राज्यों से लेकर नेपाल तक फैलाया। फरवरी 2024 में SJVN से सेवानिवृत्त होने के तुरंत बाद उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जहां वे अपनी सेवाएं दे रहे थे।
