एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू | हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय दशहरा महोत्सव (Kullu Dussehra 2026)की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष देवभूमि कुल्लू में होने वाले देव समागम के लिए 347 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है। सात दिवसीय महोत्सव का आगाज इस बार 21 अक्तूबर से होगा, जबकि इसका समापन 27 अक्तूबर को किया जाएगा। पिछले वर्ष 2025 में जिला प्रशासन और जिला देवी-देवता कारदार संघ की ओर से 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया गया था। इस बार संख्या बढ़कर 347 हो गई है। पिछले साल की तुलना में 15 नए देवी-देवताओं को दशहरा उत्सव के लिए बुलावा भेजा गया है। कुल्लू दशहरा को हिमाचल की समृद्ध देव संस्कृति का प्रमुख उत्सव माना जाता है। महोत्सव के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक कुल्लू पहुंचते हैं। सात दिनों तक ढालपुर मैदान में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है।
भगवान रघुनाथ की अगुवाई में निकलेगी शोभायात्रा
कुल्लू दशहरा की परंपरा करीब चार शताब्दियों पुरानी है। वर्ष 1660 ईस्वी से शुरू हुए इस उत्सव का शुभारंभ भगवान रघुनाथ की अगुवाई में निकलने वाली शोभायात्रा से होता है। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों से आए देवी-देवता ढालपुर मैदान में विराजमान होते हैं। दशहरा उत्सव के दौरान श्रद्धालु देवी-देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं। देव परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण यह आयोजन स्थानीय लोगों के साथ शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। जिला प्रशासन की ओर से जिन देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा जाता है, उनके आधार पर ही दशहरा उत्सव समिति की ओर से ठहरने, नजराने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की योजना तैयार की जाती है। कुछ देवताओं को अपने देवालय से करीब 200 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के देवी-देवता दशहरा शुरू होने से कई दिन पहले कुल्लू के लिए रवाना होने लगते हैं।
अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से तेज होगी तैयारियां
कार्यवाहक उपायुक्त कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि Kullu Dussehra 2026 21 से 27 अक्तूबर तक आयोजित किया जाएगा। इसके लिए जिले के 347 देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र जारी किए गए हैं। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर के अनुसार, अधिकतर देवी-देवताओं तक दशहरा का निमंत्रण पहुंच चुका है। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से देव समाज की ओर से भी महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज कर दी जाएंगी।
