एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झाकड़ी में हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (HIMCOSTE), शिमला के पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम (EEP) एवं मिशन LiFE 2026-27 के तहत मिलेट्स (मोटे अनाज) पर आधारित खाद्य प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. करण सिंह गुलेरिया और सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक (Assistant Technology Manager) श्री शिवम वालिया ने रिसोर्स पर्सन के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. करण सिंह गुलेरिया ने शिक्षकों को मिलेट्स के पोषण संबंधी लाभों, कृषि क्षेत्र में इनके महत्व और स्वास्थ्य के लिए इनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ खानपान की आदतों को अपनाने और पारंपरिक मोटे अनाज को दैनिक आहार में शामिल करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
वहीं, श्री शिवम वालिया ने कृषि क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए मिलेट्स के उत्पादन और इनके महत्व के बारे में शिक्षकों को जागरूक किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद नेगी की सहभागिता में आयोजित इस कार्यक्रम का समन्वय इको-क्लब प्रभारी ऐश्वर्या शर्मा ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय सहित आसपास के अन्य विद्यालयों के कुल 15 शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय तक पारंपरिक खाद्य पदार्थों, पौष्टिक आहार, टिकाऊ खाद्य प्रथाओं तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना रहा। इस पहल के माध्यम से विद्यालय ने मिशन LiFE के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए स्वस्थ जीवनशैली, पारंपरिक खानपान और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया।
