एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शिमला में भाजपा की विशाल ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार पर जोरदार राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि देवभूमि में कांग्रेस सरकार की विदाई तय है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
शिमला के पुराने बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब से चौड़ा मैदान तक निकाली गई इस पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग ठाकुर सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री सरमा ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जिस ईवीएम के जरिए कांग्रेस सत्ता में आई, आज उसी मतदान प्रणाली के विरोध में मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल में जीत मिलने पर ईवीएम सही लगती है, लेकिन पराजय या विरोध के सुर उठते ही निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लेते हुए अपनी रायबरेली की चुनावी जीत और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी।
अधूरे वादे और महिला-युवाओं से विश्वासघात
असम और हिमाचल के कामकाज की तुलना करते हुए सरमा ने कहा कि असम की भाजपा सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे के मुकाबले लगभग 1.07 लाख युवाओं को रोजगार दिया। इसके विपरीत, हिमाचल में कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था, जो आज भी अधूरा है। उन्होंने महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह मिलने वाली सहायता पर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस ने झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता तो हथिया ली, लेकिन जनता से किए गए वादे पूरे करने में पूरी तरह विफल रही।

1984 के दंगों और एसआईआर पर घेरा
असम के मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर के ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की। इसके अलावा, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों की पहचान लोकतंत्र की शुद्धता के लिए जरूरी है, लेकिन कांग्रेस इस पर केवल राजनीतिक भ्रम फैला रही है। सभा के अंत में भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी का पर्दाफाश करें और प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए अभी से जुट जाएं।
