एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी | हिमाचल प्रदेश के चर्चित सिया हत्याकांड में सरकाघाट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अदालत ने शुक्रवार को आरोपी विकास पटियाल को दोषी करार दिया। करीब तीन माह तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान, हत्या में इस्तेमाल दराट की बरामदगी और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुए। अदालत अब 13 नवंबर को दोषी की सजा पर फैसला सुनाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को विकास पटियाल ने सरकाघाट के नैण गांव की 19 वर्षीय सिया गुलेरिया पर दराट से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना गोपालपुर के भैंजी चौक के पास उस समय हुई, जब सिया कॉलेज जा रही थी। वह सरकाघाट कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वारदात के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही अहम रही। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सिया की चीखें सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने आरोपी को घटनास्थल से जाते हुए देखा था। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल दराट की बरामदगी और उस पर मिले खून के निशान भी जांच में महत्वपूर्ण रहे। फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में दराट पर मिले खून और आरोपी के स्वेटर पर पाए गए खून के नमूनों के मिलान को भी अभियोजन पक्ष ने अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया। उप न्यायवादी राजीव शर्मा के अनुसार, सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने शुक्रवार को विकास पटियाल को दोषी ठहराया।
मामले का ट्रायल 30 जुलाई को शुरू हुआ था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 200 से अधिक पन्नों का चालान अदालत में पेश किया था। अब सभी की निगाहें 13 नवंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत दोषी की सजा तय करेगी।
