मंडी | पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे देश में अराजकता फैलाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से सत्ता हासिल करने में असफल रहने के बाद विपक्ष देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। जयराम ठाकुर मंगलवार को सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में आयोजित विकसित भारत युवा संवाद ‘नो योर वोट’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारी फैला रहे हैं। एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना है, ताकि कोई गलत नाम मतदाता सूची में शामिल न हो और किसी पात्र मतदाता का सही नाम न कटे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के बारे में जागरूक करना सराहनीय पहल है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली में शामिल कई लोगों को एसआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, लोगों के सामने इस विषय को लेकर गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक दुष्प्रचार से प्रभावित होने के बजाय तथ्यों को समझें और दूसरों को भी जागरूक करें।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की अहम भूमिका है। इसके लिए देश को आत्मनिर्भर, सशक्त, शांतिप्रिय और अराजकतामुक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश का युवा राष्ट्र निर्माण के प्रति उत्साहित है। उनके अनुसार, देश का जेन-जी स्पष्ट संदेश दे रहा है कि नरेंद्र मोदी 2029 में भी प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि भारत को बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों की परिस्थितियों की ओर ले जाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
हिमाचल में निशुल्क जांच सुविधा बंद होने पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सुक्खू सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध करवाने वाली लैब का काम बंद होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, मरीजों को जरूरी जांच करवाने के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। पहले हिमकेयर योजना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए और अब निशुल्क जांच सुविधा प्रभावित होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच सुविधा तत्काल बहाल की जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपचार के दौरान परेशानी न उठानी पड़े।
