एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर। एसएफआई रामपुर इकाई ने देशभर के शिक्षण संस्थानों में लगातार सामने आ रहे यौन शोषण के मामलों के खिलाफ रामपुर महाविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उड़ीसा के फकीर मोहन कॉलेज में छात्रा द्वारा आत्मदाह, हिमाचल में स्कूली छात्राओं से दुर्व्यवहार सहित विभिन्न राज्यों में हुई घटनाओं की कड़ी निंदा की गई।
एसएफआई इकाई सचिव दिव्या ने कहा कि ओडिशा के बालासोर स्थित फकीर मोहन कॉलेज में छात्रा द्वारा आत्मदाह की घटना संस्थागत उदासीनता का परिणाम है। छात्रा ने शिकायतों के बावजूद प्रशासन, आईसीसी और नेताओं से कोई मदद नहीं मिलने पर यह कदम उठाया। जिला उपाध्यक्ष राहुल विद्यार्थी ने कहा कि यह घटनाएं संस्थागत चुप्पी और राजनीतिक संरक्षण का नतीजा हैं। उन्होंने शिमला और सिरमौर में स्कूली छात्राओं से हुई छेड़छाड़ की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
इकाई अध्यक्ष पूजा ने कहा कि पूरे देश में यौन हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं, और सत्ता में बैठे लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में POSH अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए और लिंग संवेदनशीलता कमेटियों का गठन हो।
एसएफआई ने मांग की कि ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, आरोपी प्रोफेसर और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा हिमाचल के मामलों में भी दोषियों को सजा और पीड़ितों को न्याय मिले।