एआरबी टाइम्स ब्यूरो, हमीरपुर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में मादक पदार्थ चिट्टे के खिलाफ चल रहे व्यापक जन आंदोलन के तहत आज हमीरपुर में आयोजित एंटी-चिट्टा अवेयरनेस वॉकथॉन का नेतृत्व किया। यह वॉकथॉन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) के खेल मैदान से पुलिस लाइन दोसड़का ग्राउंड तक निकाली गई, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर भारी संख्या में विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वॉकथॉन से पूर्व मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को चिट्टा व अन्य मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता की शपथ भी दिलाई।पुलिस लाइन दोसड़का ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश चिट्टे के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रहा है। युवाओं के भविष्य को खोखला करने वाले इस घातक नशे के विरुद्ध राज्य सरकार आर-पार की लड़ाई लड़ रही है। चिट्टा रूपी दीमक को समाप्त करने की दिशा में सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नशे के अवैध नेटवर्क से जुड़े तस्करों, सप्लायरों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर एक-एक कर शिकंजा कसा जा रहा है। संगठित गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए तकनीक, खुफिया तंत्र और कड़े कानूनों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस जन आंदोलन को 30 दिन पूरे हो चुके हैं। 22 नवंबर को प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक साथ 121 स्थानों पर छापेमारी की गई। इसके बाद शिक्षण संस्थानों, बाजारों और कॉलेज परिसरों के आसपास सघन जांच अभियान चलाया गया, जिसमें 12 एनडीपीएस मामले दर्ज हुए और 385 चालान किए गए। 7 दिसंबर को पीआईटी और एनडीपीएस एक्ट के तहत 16 नामी तस्करों को हिरासत में लिया गया। अब तक 63 तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 1214 संदिग्धों की पहचान और 950 अवैध संपत्तियां सीमांकित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व सरकार के तीन वर्षों में जहां 13 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई थी, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ बहुस्तरीय और बहुआयामी रणनीति के तहत नशा निवारण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं तथा नशा मुक्ति, रोकथाम एवं पुनर्वास बोर्ड का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चिट्टा माफिया के खिलाफ सूचना देने वालों को 10 हजार से 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा और उनकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। पुलिस विभाग द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, विधायक सुरेश कुमार व कैप्टन रणजीत सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, डीजीपी अशोक तिवारी, उपायुक्त अमरजीत सिंह, एसपी बलबीर सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
