एआरबी टाइम्स ब्यूरो शिमला / रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश में दो अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत और दो घायल हो गए। एक आठ साल का बच्चा लापता हो गया है। घायलों का इलाज शिमला के IGMC अस्पताल में चल रहा है, जबकि लापता बच्चे की खोज के लिए NDRF की टीम अभियान में जुटी है। पहला हादसा शनिवार सुबह करीब 7 बजे नेरवा से 15 किलोमीटर दूर फेडिज पुल के पास हुआ, जब एक स्कार्पियो गाड़ी अनियंत्रित होकर शालवी नदी में गिर गई। गाड़ी में एक बच्चे सहित पांच लोग सवार थे। हादसे में दो…
Author: ARB Times Desk
एआरबी टाइम्स ब्यूरो शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को कोटखाई के चैथला गांव में वन भूमि पर अवैध रूप से लगाए गए सेब के 100 पेड़ों को काटा गया, जबकि कुमारसैन के सराहन गांव में सेब, नाशपाती और चेरी के लगभग 320 पौधे हटाए गए। यह कार्रवाई वन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की निगरानी में की गई। प्रशासन के अनुसार यह पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत हो रही है और आने वाले दिनों…
एआरबी टाइम्स ब्यूरो रामपुर बुशहर। भाजपा नेता व पूर्व प्रत्याशी कौल सिंह ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार आर्थिक तंगी से जूझ रही है और अब आम बागवानों पर नए-नए तुगलकी फरमान थोप रही है। उन्होंने फारवर्डिंग लाइसेंस की जगह सेलर-बायर एजेंट नियुक्त करने के निर्णय को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि यह बागवानों और बेरोजगार युवाओं की आजीविका पर सीधा हमला है। बागवानों के हितों की अनदेखी कौल सिंह ने कहा कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सरकार का यह फैसला किसानों को परेशान करने वाला है। नए नियमों के अनुसार…
एआरबी टाइम्स ब्यूरो शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब जमीन की रजिस्ट्री और अन्य राजस्व सेवाएं और भी आसान और डिजिटल हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ‘माई डीड’ (NGDRS), संशोधित जमाबंदी, ई-रोजनामचा, और कारगुजारी जैसे डिजिटल मॉड्यूल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए सिर्फ एक बार कार्यालय जाना होगा। शेष प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे समय, श्रम और धन की बचत होगी। इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत 10 जिलों की विभिन्न तहसीलों में हुई है, जिनमें बिलासपुर सदर, डलहौजी, गलोड़, जयसिंहपुर, भूंतर, पधर, कुमारसेन, राजगढ़, कंडाघाट और बंगाणा शामिल हैं।…
एआरबी टाइम्स ब्यूरो शिमला। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के आरक्षण रोस्टर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य चुनाव आयोग ने शुक्रवार को सभी उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे 15 जुलाई 2025 तक आरक्षण रोस्टर निर्धारित करें। आयोग ने चेताया है कि तय समयसीमा में निर्देशों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पहले आरक्षण रोस्टर तय करने की अंतिम तारीख 11 जुलाई थी। लेकिन शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता आंकड़ों की अनुपलब्धता का हवाला देकर…