एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में लम्बित राजस्व मामलों के त्वरित एवं समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने 5 जनवरी के बाद सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार और वीरवार को तक़सीम मामलों की नियमित सुनवाई करने के निर्देश दिए, ताकि मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रत्येक माह तक़सीम मामलों की कम से कम 12 दिन सुनवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ज़िला उपायुक्त प्रत्येक शनिवार को तक़सीम मामलों की सुनवाई एवं प्रगति की समीक्षा करेंगे और उसी दिन इसकी रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को भेजी जाएगी। राजस्व सचिव सोमवार को यह विस्तृत रिपोर्ट राजस्व मंत्री को प्रस्तुत करेंगे, जबकि राजस्व मंत्री प्रत्येक माह के अंतिम सोमवार को प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री को अवगत करवाएंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ज़िलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजस्व विभाग को प्रदेश की निजी भूमि, वन भूमि एवं सरकारी भूमि का समग्र विवरण तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व अदालतों में लम्बित मामलों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा, जिसमें मामलों के प्रकार तथा उनकी लंबित अवधि की पूरी जानकारी शामिल हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि दुरुस्ती से संबंधित सभी लम्बित राजस्व मामलों को 31 मार्च 2026 तक हर हाल में निपटाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व मामलों के शीघ्र समाधान के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
लम्बित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार एवं तहसीलदारों को पुनः नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही, राजस्व मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण देने पर भी बल दिया। बैठक के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने राजस्व मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
बैठक में अवगत करवाया गया कि राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से अक्तूबर 2023 से अब तक प्रदेश में इंतक़ाल के 4,24,368 मामलों, तक़सीम के 25,918 मामलों, निशानदेही के 47,075 मामलों तथा दुरुस्ती के 12,896 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है।
