एआरबी टाइम्स ब्यूरो | हमीरपुर
बंद स्टोन क्रशर से जुड़े कथित अवैध खनन मामले में हमीरपुर सदर विधायक आशीष शर्मा के चाचा प्रवीण शर्मा और भाई उमेश शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को दोनों ने कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सात दिन के रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है। वीरवार को फिर पेश किए जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह मामला 13 अगस्त 2025 का है, जब सुजानपुर थाना पुलिस ने पुंघ खड्ड स्थित बंद स्टोन क्रशर में छापेमारी की थी। पुलिस का दावा है कि मौके से पत्थर, बजरी और अन्य मशीनरी बरामद की गई, जिन्हें कथित तौर पर अवैध खनन से जोड़ा गया। इस मामले में विधायक के चाचा और भाई के अलावा दो कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया था।
आरोपी दो कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत
जांच के दौरान दोनों कर्मचारियों को 19 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी, जबकि प्रवीण शर्मा और उमेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। अदालत ने उन्हें 16 अप्रैल तक पेश होने के आदेश दिए थे, जिसके तहत उन्होंने सरेंडर किया। पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराएं भी जोड़ी हैं और छापेमारी के दौरान सीसीटीवी कैमरों की हार्ड ड्राइव को कब्जे में लिया गया था। कार्रवाई के बाद क्रशर मालिक की ओर से पुलिस पर बिना वारंट परिसर में घुसने और कर्मचारियों को धमकाने के आरोप लगाए गए थे। उनका कहना है कि जिस सामग्री को पुलिस अवैध खनन बता रही है, वह क्रशर बंद होने से पहले की है।
राजनीतिक दबाव में झूठे मामले दर्ज कर रही पुलिस : आशीष
विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर हो रही है और पुलिस राजनीतिक दबाव में झूठे मामले दर्ज कर रही है। विधायक ने कहा कि परिवार के सदस्य जांच में सहयोग करते रहे हैं और सच्चाई अदालत में सामने आएगी। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, परास्त नहीं होता है।
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