एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
Himachal Pradesh Bar Council Election 20 अप्रैल को होंगे। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद आठ वर्ष के अंतराल के बाद यह चुनाव हो रहे हैं। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनाव में कुल 7,780 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।प्रदेशभर में वोटिंग के लिए कुल 50 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जबकि चुनाव परिणाम 23 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे।
45 उम्मीदवार मैदान में, 4 सीटें महिलाओं के लिए
इस बार बार काउंसिल चुनाव में कुल 45 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 43 अनुभवी श्रेणी से हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पहली बार चार सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। नामांकन वापसी के बाद उम्मीदवार 53 बार एसोसिएशनों के 7,780 मतदाताओं को लुभाने में जुट गए हैं। यह चुनाव केवल प्रतिनिधियों के चयन का नहीं बल्कि बार काउंसिल की जवाबदेही तय करने का भी माना जा रहा है। मतदान के लिए हिमाचल हाईकोर्ट सहित प्रदेशभर के न्यायिक परिसरों में 50 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें हाईकोर्ट में पांच और शिमला जिला न्यायालय परिसर चक्कर में तीन बूथ होंगे। इसके अलावा विभिन्न जिलों और उपमंडलों में भी मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
वोटर सूची से हजारों नाम कटने से नाराजगी
प्रदेश में 15 हजार से अधिक अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रहे हैं। इनमें से 12 हजार बार एसोसिएशनों में पंजीकृत हैं, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया के बाद केवल 7,780 वकीलों को ही मतदान सूची में शामिल किया गया है। हजारों नाम कटने से कई बार एसोसिएशनों में नाराजगी है। चुनाव लड़ने के लिए सवा लाख रुपये की नामांकन फीस तय की गई थी। कई अधिवक्ताओं का कहना है कि इतनी अधिक राशि के कारण मध्यम वर्ग के वकील चुनाव से दूर रह गए।
मुख्य चुनावी मुद्दे
- वकीलों की सुरक्षा के लिए कानून लागू करना
- युवा वकीलों के लिए स्टाइपेंड
- चैंबर, शौचालय और ई-लाइब्रेरी की सुविधा
- क्लेम राशि भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाना
