एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच भारी बारिश और भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ है। सोमवार को कांगड़ा, बिलासपुर, कुल्लू, हमीरपुर और मंडी जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। मणिमहेश यात्रा के दौरान खराब मौसम में पंजाब के तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई। प्रशासन ने अगले आदेशों तक यात्रा पर रोक लगा दी है। करीब 3000 से ज्यादा यात्री बीच रास्ते में फंसे हैं। वहीं, कांगड़ा में डडवाड़ा गांव में एक बुजुर्ग की खड्ड में बहने से मौत हो गई। मणिमहेश यात्रा के दौरान जान गंवाने वालों में पंजाब के सुजानपुर के अमन, पठानकोट के रोहित और गुरदासपुर के अनमोल शामिल हैं। उधर, शिंकुला दर्रा, कुगती जोत और बारालाचा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई है।

हमीरपुर जिले के लठियाणी में भारी भूस्खलन के चलते बंद पड़ी सड़क। स्रोत : सोशल मीडिया
आज सात जिलों में बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान
मौसम को देखते हुए ऊना, चंबा, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर और सोलन में मंगलवार को स्कूल बंद रहेंगे। बारिश और भूस्खलन से 793 सड़कें बंद हैं। वहीं, आनी कुल्लू, मंडी-पठानकोट, किरतपुर-मनाली फोरलेन समेत पांच हाईवे भी बंद हुए हैं। मंडी जिले में किरतपुर-मनाली हाईवे के बंद होने से हनोगी और रैंसनाला टनल में 300 गाड़ियां कई घंटे फंसी रहीं। सराज क्षेत्र के कई गांवों में जमीन धंसने से 15 मकानों को खतरा हो गया है। कुल्लू में नाले का जलस्तर बढ़ने से पानी दुकानों में घुस गया। कांगड़ा में गगल एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित रहीं। डमटाल-इंदौरा-पठानकोट मार्ग पर पुली टूट गई। बिलासपुर में हरियाणा की दो गाड़ियों पर गिरे बड़े बड़े पत्थर। इसमें सवार लोग बाल-बाल बचे। वहीं, कांगड़ा के ज्वालामुखी में एक निजी बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। ऊना के अबादा स्कूल में भूस्खलन होने से स्कूल की दीवार टूट गई और मलबा अंदर घुस गया। हमीरपुर में लठियाणी के पास भूस्खलन से एनएच बाधित रहा। वहीं, मंडी में पठानकोट हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा भूस्खलन से ध्वस्त हो गया है।

बिलासपुर में एनएच पर हरियाणा की दो गाड़ियां चट्टानें गिरने से क्षतिग्रस्त हो गईं। इसमें सवार लोग सकुशल हैं। स्रोत : सोशल मीडिया
कांगड़ा और कांगड़ा में आज रेड अलर्ट घोषित
मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को चंबा और कांगड़ा में रेड अलर्ट जारी किया गया। वहीं, कुल्लू-मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसे स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं, लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

ऊना जिले के अबादा में भूस्खलन से स्कूल की दीवार टूट गई और सारा मलबे कमरे में घुस गया। स्रोत : सोशल मीडिया
बारिश-बादल फटने से अब 2394 करोड़ का नुकसान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 48 घंटों में 147 पक्के-कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मानसून सीजन में अब तक 2394 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। 20 जून से 25 अगस्त के बीच 306 लोगों की मौत, 367 घायल और 38 लोग लापता हुए हैं।
