एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रिकांगपिओ| कोविड-19 महामारी और विभिन्न तकनीकी कारणों से वर्ष 2019 से बंद पड़ा भारत-चीन सीमा व्यापार शनिवार को 6 साल के लंबे अंतराल के बाद औपचारिक रूप से दोबारा शुरू हो गया। हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिपकी ला (Shipki La) बॉर्डर ट्रेड का विधिवत शुभारंभ किया( इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने चीन अधिकृत तिब्बत के लिए जाने वाले हिमाचल के 16 स्थानीय व्यापारियों के पहले जत्थे को पारंपरिक रूप से खतक पहनाकर हरी झंडी दिखाई।
किन सामानों का होगा व्यापार?

रवाना किए गए सभी 16 व्यापारी किन्नौर जिले के नमज्ञा, डूबलिंग और लियो गांव के निवासी हैं। पहले दिन ये व्यापारी अपने साथ तिब्बत के लिए गुड़, चावल, चीनी, चायपत्ती, गलीचे, स्थानीय अनाज और बिस्कुट लेकर रवाना हुए हैं। मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि पहले भारतीय व्यापारियों को तिब्बत के दूर-दराज गांवों तक जाना पड़ता था। लेकिन अब शिपकी (तिब्बत) में ही एक आधुनिक ट्रेड सेंटर बन जाने से दोनों देशों के लोग आसानी से सामानों का आदान-प्रदान कर सकेंगे। व्यापारियों की मांग के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य सामान भी भेजे जाएंगे।
सीमा व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्री ने छुप्पन से नवनिर्मित ट्रेडमार्ट का भी उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के दौरान नमज्ञा गांव की स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। राजस्व मंत्री ने सीमा पार व्यापार को दोबारा बहाल करने के लिए केंद्र सरकार और चीन सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि व्यापार शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा, एसपी सुशील कुमार शर्मा, एडीएम पूह रविंदर ठाकुर और स्थानीय ट्रेड यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
