एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शून्य नामांकन वाले 20 सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही, जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या बेहद कम थी, ऐसे 73 सरकारी विद्यालयों का उनके नजदीकी बड़े स्कूलों में विलय (मर्ज) कर दिया गया है। इस संबंध में बुधवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक, जिन 20 स्कूलों को पूरी तरह से बंद (डिनोटिफाई) किया गया है, उनमें 18 प्राथमिक विद्यालय और दो माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया था।
3.5 साल में 1,300 से ज्यादा स्कूल हुए बंद और मर्ज
राज्य में गिरते नामांकन स्तर और सरकारी स्कूलों में छात्रों की कमी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश सरकार कुल 1,350 स्कूलों को या तो बंद कर चुकी है या फिर उन्हें दूसरे स्कूलों में मर्ज कर चुकी है। सरकार का मानना है कि दूरदराज के क्षेत्रों में बहुत कम संख्या वाले स्कूलों को चलाने के बजाय, उन्हें एक जगह एकत्रित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना अधिक व्यावहारिक है।
स्कूल बंद करने के जिलावार आंकड़े
शिमला जिला: सर्वाधिक 10 विद्यालय बंद किए गए हैं।
मंडी जिला: 5 विद्यालयों पर ताला लगा है।
चंबा जिला: 2 स्कूल बंद हुए हैं।
बिलासपुर और कुल्लू: इन दोनों जिलों में 1-1 विद्यालय को बंद किया गया है।
5 से कम छात्र संख्या वाले 73 स्कूलों का विलय
बंद किए गए स्कूलों के अलावा, सरकार ने उन 73 सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का भी तत्काल प्रभाव से विलय कर दिया है, जहाँ छात्रों की कुल संख्या 5 या उससे कम रह गई थी। इनमें 65 सरकारी प्राथमिक विद्यालय (GPS) और 8 सरकारी माध्यमिक विद्यालय (GMS) शामिल हैं। इन कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को उनके सबसे नजदीकी बड़े सरकारी प्राथमिक विद्यालय (GPS), सरकारी केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय (GCPS), सरकारी माध्यमिक विद्यालय (GMS) या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) में मिला दिया गया है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर माहौल मिले।
विलय (Merge) किए गए स्कूलों की जिलावार स्थिति:
मंडी जिला: सबसे अधिक 21 स्कूलों का विलय किया गया।
शिमला जिला: 15 स्कूल मर्ज हुए।
बिलासपुर: 9 स्कूल।
कांगड़ा और किन्नौर: 6-6 स्कूलों का विलय।
लाहौल-स्पीति: 4 स्कूल।
चंबा: 3 स्कूल।
कुल्लू, हमीरपुर, सिरमौर और ऊना: 2-2 स्कूल।
सोलन: 1 स्कूल को दूसरे स्कूल में मर्ज किया गया है।
क्या होगा आगे?
शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेशों के तहत, बंद और मर्ज किए गए स्कूलों के मौजूदा स्टाफ (शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों) तथा संपत्ति को विभाग के नियमानुसार दूसरे जरूरतमंद स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार का पूरा ध्यान अब उन स्कूलों को मजबूत करने पर है जहां छात्रों की संख्या अच्छी है, ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के समकक्ष लाया जा सके।
