एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन के सम्मेलन कक्ष में जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिले में शिक्षा व्यवस्था, आधारभूत ढांचे और रिक्त पदों सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने और दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश के 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर शिक्षा शुरू की गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इसके तहत किन्नौर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निचार, भावानगर, रिकांगपिओ, सांगला और कानम को सीबीएसई पैटर्न के लिए चयनित किया गया है।
बैठक में मंत्री ने राजीव गांधी आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल, कल्पा के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध हो सकें। जगत सिंह नेगी ने जिले में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भी चिंता जताई और आश्वासन दिया कि इन्हें चरणबद्ध तरीके से जल्द भरा जाएगा, जिससे दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उन्होंने स्कूलों में खेल गतिविधियों, विशेषकर अंडर-14 और अंडर-19 प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की समीक्षा की तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। साथ ही प्रधानाचार्यों से खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
बैठक का संचालन उप निदेशक उच्चतर शिक्षा कुलदीप सिंह डोगरा ने किया। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी कल्पा प्रवीण भारद्वाज, सहायक आयुक्त विपिन कुमार, उप निदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) सुशील कुमार शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ललित कुमार जरयाल, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
