कुल्लू जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान दूध के अधिकांश नमूनों में डिटर्जेंट अवशेष पाए जाने का मामला सामने आया है। विभाग ने इसे गंभीर विषय मानते हुए दूध विक्रेताओं को स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है और भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा कुल्लू अनिल शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीम सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने शुक्रवार सुबह भुट्टी चौक में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 15 दूध के नमूनों और एक पनीर के नमूने की जांच की गई। फिलहाल अभियान का उद्देश्य जागरूकता और निगरानी था, इसलिए तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के बजाय संबंधित विक्रेताओं को सुधार का अवसर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) की प्रभारी एवं फूड एनालिस्ट दिव्या ठाकुर ने नमूनों की प्रारंभिक जांच की। जांच में यूरिया, स्टार्च और डिटर्जेंट की मौजूदगी का परीक्षण किया गया। परिणामों में अधिकांश दूध के नमूनों में डिटर्जेंट के अंश पाए गए, जबकि यूरिया और स्टार्च की मिलावट नहीं मिली।
विभाग के अनुसार प्रथम दृष्टया यह संभावना है कि दूध रखने वाले कंटेनरों और केनों की सफाई के बाद उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी से नहीं धोया गया, जिसके कारण डिटर्जेंट के अवशेष दूध में पहुंच गए। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे रासायनिक अवशेष मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं और खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी दूध विक्रेताओं से कंटेनरों की सफाई के लिए उपयुक्त डिशवॉशिंग लिक्विड का उपयोग करने तथा उपयोग से पहले उन्हें बहते स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार के रासायनिक अवशेष की संभावना समाप्त हो सके।
विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को चेतावनी जारी करते हुए स्वच्छता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में यदि दोबारा रासायनिक अवशेष पाए जाते हैं अथवा खाद्य पदार्थ असुरक्षित श्रेणी में मिलते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 59 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रावधान के अंतर्गत परिस्थितियों के अनुसार एक लाख रुपये से लेकर दस लाख रुपये या उससे अधिक का आर्थिक दंड तथा कारावास तक का प्रावधान है।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अनिल शर्मा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग कुल्लू जिले के उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।
