एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शिमला पुलिस ने पंजाब से दो बड़े चिट्टा तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हिमाचल में पहले दर्ज चिट्टा तस्करी के मामलों की जांच के दौरान सामने आए सप्लाई नेटवर्क के आधार पर की गई है। पुलिस ने एक आरोपी को अमृतसर और दूसरे को लुधियाना से पकड़ा है। दोनों पर पहले भी नशा तस्करी सहित अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शिमला की एडिशनल एसपी मेहर पंवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहले मामले में शिमला पुलिस के स्पेशल सेल ने रामपुर उपमंडल के ननखड़ी क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय बताए जा रहे बलबीर सिंह उर्फ फौजी को अमृतसर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था। उसकी तलाश में पुलिस टीम करीब एक सप्ताह से लगातार दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने मोबाइल नंबर बदल दिए थे और पुराने ठिकाने भी छोड़ दिए थे।
यह मामला 27 अक्तूबर को शोघी बैरियर पर हुई कार्रवाई से जुड़ा है। उस दिन पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अमृतसर निवासी रेशम सिंह को 257 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि बरामद चिट्टा ननखड़ी के बलबीर सिंह तक पहुंचाया जाना था। इसके बाद पुलिस ने बलबीर की तलाश शुरू की। कई स्थानों पर दबिश देने के बाद 5 नवंबर को अमृतसर में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ आबकारी और एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े छह मामले दर्ज हैं। उसे पहले भी 107 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा जा चुका है।
दूसरी कार्रवाई कोटखाई थाना क्षेत्र के एक मामले में की गई। 27 सितंबर को ठियोग उपमंडल की डिटेक्शन टीम ने गुम्मा में रूपेश, शिवम और लालू कुमार उर्फ कृष्णा को 50 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि तीनों आरोपी लुधियाना निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा से चिट्टा खरीदकर हिमाचल में बेचने के लिए लाते थे। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 5 नवंबर को लुधियाना में दबिश देकर गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दो चिट्टा तस्करी से संबंधित हैं। इन मामलों में उसे क्रमशः 415 ग्राम और 230 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया था।
इस साल 94 मुख्य तस्कर गिरफ्तार
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 94 मुख्य नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2025 में आठ और 2024 में 15 मुख्य तस्करों को पकड़ा गया था। पुलिस ने दावा किया है कि वर्ष 2026 में अब तक 69 बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है, जबकि वर्ष 2024 और 2025 में ऐसे चार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
