एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दूसरे दिन ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के सभागार में पहाड़ी कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लेते हुए अपनी रचनाओं के माध्यम से हिमाचल की लोक संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक सरोकारों और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
अपने संबोधन में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा यह नई पहल की गई है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी भाषा और साहित्य हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं तथा इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उपायुक्त ने घोषणा करते हुए कहा कि सम्मेलन में प्रस्तुत की गई पहाड़ी कविताओं का संकलन तैयार कर जिला प्रशासन पुस्तक के रूप में प्रकाशित करेगा। इस पुस्तक को प्रदेश के विभिन्न पुस्तकालयों में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग पहाड़ी साहित्य की समृद्ध परंपरा से जुड़ सकें और उसे जान सकें। उन्होंने कहा कि कविताओं में हिमाचल की संस्कृति, लोक जीवन, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों की सुंदर झलक देखने को मिली है।
उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और साहित्यकार समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक चेतना के विकास और सकारात्मक परिवर्तन में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कवि सम्मेलन के दौरान विभिन्न कवियों ने पहाड़ी भाषा में अपनी स्वरचित रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविताओं में लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और मानवीय संवेदनाओं जैसे विषय प्रमुखता से उभरकर सामने आए। उपस्थित दर्शकों ने कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम पहाड़ी भाषा और साहित्य को प्रोत्साहन देने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। साथ ही इसने प्रदेश के साहित्यकारों और युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान किया।
इस अवसर पर विभिन्न साहित्यकार, कवि, गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
