एआरबी टाइम्स ब्यूरो, सोलन | हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कनिका चावला की विशेष फास्ट ट्रैक (पॉक्सो) अदालत ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बद्दी में एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले दोषी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
अदालत ने कांगड़ा जिले के देहरा निवासी दोषी लकी कुमार को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत उम्रकैद के साथ-साथ 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक चंदर कुमार नेगी ने पैरवी की।
क्या था पूरा मामला?
यह दिल दहला देने वाली घटना वर्ष 2022 में औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में घटी थी।
घटना का दिन: 30 अक्तूबर 2022
समय: दोपहर करीब 2:00 बजे
विवरण: पीड़िता (करीब डेढ़ साल) अपने परिवार के साथ बद्दी में रहती थी। आरोपी बच्ची को घर के कमरे के पास से छत पर ले गया और वहां उसके साथ जबरन यौन उत्पीड़न किया।
जब बच्ची की मां उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंची, तो उसने अपनी बेटी को फर्श पर रोते हुए पाया और आरोपी वहीं पास में खड़ा था। इसके बाद पीड़िता के माता-पिता ने महिला पुलिस थाना बद्दी में तुरंत शिकायत दर्ज कराई।
20 गवाहों के बयान और सख्त सजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 AB के तहत मामला दर्ज किया था।
मामले की जांच अधिकारी (IO) एसआई कृष्णा देवी ने गहन जांच कर पुख्ता सबूत जुटाए।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दोष साबित करने के लिए कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
