एआरबी टाइम्स ब्यूरो, सोलन | देश भर में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता सामने आई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की ओर से जारी ड्रग अलर्ट के अनुसार, देश भर में कुल 330 दवाइयों के सैंपल गुणवत्ता के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। अकेले देवभूमि हिमाचल प्रदेश में बनी 93 दवाइयों के सैंपल फेल होने से हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोलन जिले की सबसे अधिक 73, सिरमौर की 18 और ऊना जिले की 2 कंपनियों की दवाएं इस जांच में फेल पाई गई हैं।
किन बीमारियों की दवाएं हुईं फेल?
हिमाचल प्रदेश में तैयार जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें आम जनता से जुड़ी कई गंभीर और सामान्य बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। इनमें बुखार, एसिडिटी, दर्द, खांसी, सूखी खांसी, पेट के कीड़े, खून की कमी (अनीमिया), एलर्जी, विभिन्न प्रकार के संक्रमण, त्वचा के संक्रमण, हाई ब्लड बीपी, झाइयां, सूजन, मलेरिया और थायरॉइड जैसी बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन दवाओं के मानक पर सही न उतरने से मरीजों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
प्रमुख कंपनियों के नाम
जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों जैसे बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, कालाअंब, पांवटा साहिब, सुबाथू और झाड़माजरी की कई नामी-गिरामी और दवा निर्माता कंपनियों के सैंपल फेल हुए हैं। इनमें लैबोरेट, एस्पो, होरिजन, एजोट लाइफ साइंस, फार्मारूट, ब्रिट लाइफ साइंस, एलवेट फार्मा, सारा बायोटेक, सेट क्योर, नेपचून, गोनासिस, अल्ट्रा ड्रग, स्विश गारनर, कोनिस, माइक्रो ऑर्गेनिक, शिवा बायोटेक, यूनिस्पीड, एफी पेरेटल, सेमसन, केसपेन, एक्टोनोवा, एनएमजी, मेक्लायड, टी एंड जी, एलेक्सा, कोपमेड, गोसिस, साईबोसिस, एथेंस लाइफ साइंस, जीएम लैब, सटार फिलटेशन, लोगोस फार्मा, नेक्सपर, स्विश इंडिया, मेडिजिया, गोनापिट, हिंदुस्तान, ट्राक, मार्क लेबोरेट, मायाश, कनटिल फार्म, प्रीमस फार्मास्युटिक, प्रोटेक, नेथन फार्मा, वी लैब, वीएसएसडीपी, श्रीनिवास, हिगस हेल्थ केयर, पार्क, हिरओम, प्रीत रेमीडीज, मेडीपोल, जेनिफा फोरमुलेशन, 3 किन्स फार्मा, स्पास फार्मा, नवकार, पिनाकल, एलवी लाइफ साइंस, डेक्सिन, क्लेविस, हिल्लर लैब, बीआरडी, क्योरटेक, कलिंगा, प्रोसपेरी ड्रग, बायोजेनेटिक ड्रग और कान्हा बायोजेनिटक ड्रग शामिल हैं। इन सभी कंपनियों के अलग-अलग उत्पादों के सैंपल गुणवत्ता जांच में अमानक पाए गए हैं।
ड्रग विभाग की सख्त कार्रवाई और निर्देश
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए हिमाचल प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने स्पष्ट किया है कि जिन दवा कंपनियों के सैंपल फेल हुए हैं, उन सभी के खिलाफ ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट’ के नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग ने इन कंपनियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, बाजार में खप चुके इन अमानक उत्पादों के स्टॉक को तुरंत प्रभाव से वापस मंगाने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रग विभाग खुद भी अपने स्तर पर इन सैंपलों की दोबारा गहन जांच करेगा ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियों को रोका जा सके और आम जनता के जीवन से खिलवाड़ न हो सके।
