एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स की अंडर-19 (छात्रा) हैंडबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ आज घुमारवीं स्थित पीएम श्री राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला परिसर में हुआ। नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रतियोगिता का झंडा फहराकर 5 दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्माणी ने देशभर से आई 30 टीमों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली तथा छात्रा खिलाड़ियों को खेल शपथ दिलाई। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं शैक्षणिक संगठनों की टीमें भाग ले रही हैं।
मंत्री राजेश धर्माणी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में घुमारवीं में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता का आयोजन संभव हो पाया है, जो क्षेत्र सहित पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि लगभग 10 वर्षों के अंतराल के बाद प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन पुनः आरंभ हुआ है। इससे पूर्व ऐसी प्रतियोगिताएं जिला सिरमौर के पांवटा साहिब तथा जिला सोलन के नालागढ़ में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले रही छात्रा खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब देश की बेटियां सशक्त होंगी, तभी राष्ट्र प्रगति के शिखर को छुएगा। महिला सशक्तिकरण के बिना मजबूत राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने बेटा-बेटी के भेदभाव रहित समाज के निर्माण पर बल देते हुए कहा कि खेल बेटियों को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं और उनमें आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
मंत्री ने कहा कि खेलों से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। खेल का मैदान बच्चों को अनुशासन, टीम भावना, सहयोग और जीवन कौशल सिखाता है, जो कक्षा की चारदीवारी में संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि खेलों के बिना शिक्षा अधूरी है, इसलिए हर बच्चे को किसी न किसी खेल से अवश्य जुड़ना चाहिए। राजेश धर्माणी ने राष्ट्रीय खेल आयोजनों को राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को देश की विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं को जानने का अवसर मिलता है, जिससे आपसी भाईचारा और सद्भाव मजबूत होता है।
इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी एवं कोच स्नेह लता के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में प्रदेश की सैकड़ों बेटियां खेलों के माध्यम से आगे बढ़ी हैं। वह अब तक 200 से अधिक छात्रा एवं महिला खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 80 खिलाड़ियों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार भी मिला है।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से ब्रांड हिमाचल को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। देशभर से आए खिलाड़ियों को हिमाचल की लोक कला, संस्कृति और पारंपरिक खान-पान से रूबरू करवाया जा रहा है, ताकि वे प्रदेश की मधुर स्मृतियां अपने साथ ले जा सकें। मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रतियोगिता के पहले मैच, जो हिमाचल प्रदेश और नवोदय विद्यालय समिति के बीच खेला गया, का खेल मैदान में पहुंचकर विधिवत शुभारंभ किया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इससे पूर्व खेल आयोजन समिति की ओर से संतोष चौहान ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय अंडर-19 छात्रा हैंडबॉल प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं शैक्षणिक संगठनों की 30 टीमों के लगभग 400 छात्रा खिलाड़ी और 85 टीम अधिकारी भाग ले रहे हैं।
इन राज्यों व शैक्षणिक संगठनों की टीमें ले रहीं भाग
आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, सीबीएसई, सीबीएसई वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, सीआईएससीई, डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, आईपीएससी, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नवोदय विद्यालय समिति, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, विद्या भारती, पश्चिम बंगाल एवं हिमाचल प्रदेश।
इस अवसर पर मंत्री की धर्मपत्नी सोनिका धर्माणी, पद्मश्री हरिमन शर्मा, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, महिला आयोग सदस्य रीना पुंडीर, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, हिमुडा सदस्य जितेंद्र चंदेल, तृप्ता ठाकुर, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अंजना धीमान, उपायुक्त राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा जे.सी. नेगी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
