एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ठियोग उपमंडल की बलग पंचायत से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले महज 11 साल के बच्चे ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। फिलहाल बच्चे द्वारा उठाए गए इस गंभीर कदम के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन उसकी असमय मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी कम उम्र में आत्महत्या जैसा कदम उठाना किसी के समझ से परे है और लोग इसकी वजह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। ठियोग पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
🕯️ स्कूल से लौटा, फिर कभी नहीं बोला
घटना वीरवार की है। मासूम रोजाना की तरह शाम करीब चार बजे स्कूल से घर लौटा था। उस समय उसके दादा-दादी खेतों में काम करने गए हुए थे। जब बच्चा रोज की तरह शाम को दादा-दादी को चाय देने नहीं पहुंचा, तो दादी चिंतित होकर घर लौटीं। घर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि वह कमरे की छत से चुन्नी के फंदे पर झूल रहा है। घबराई दादी ने चीख लगाई तो गांव वाले दौड़े चले आए। ग्रामीणों ने फंदा काटकर बच्चे को नीचे उतारा और उसे होश में लाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन वह सांस नहीं ले रहा था। तुरंत उसे ठियोग सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
🌾 दादा-दादी के स्नेह में पल रहा था मासूम
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे का परिवार मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है, और पिछले 12 साल से ठियोग में एक व्यक्ति के पास काम कर रहा है। बच्चा अपने दादा-दादी के साथ रहता था और सभी के बीच शांत, विनम्र और अनुशासित बच्चे के रूप में जाना जाता था बच्चे का पिता मुंबई में मजदूरी करता है, जबकि उसकी मां उसे तीन साल की उम्र में छोड़कर चली गई थी। गुरुवार को जब वह स्कूल से लौटा तो उसने वर्दी तक नहीं बदली और सीधे कमरे में चला गया। उसी ट्रैक सूट में उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। बच्चे की असमय मौत से दादा-दादी गहरे सदमे में हैं। वहीं गांव के लोग भी यही सोच रहे हैं कि छोटा बच्चा आखिर ऐसी सोच तक कैसे पहुंचा।ठियोग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या करने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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