शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला में ऑनलाइन ट्रेडिंग और भारी मुनाफे के लालच में एक व्यक्ति ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी गंवा दी। शातिर साइबर अपराधियों ने फर्जी कंपनी और आकर्षक निवेश प्रस्ताव का झांसा देकर उससे करीब 36 लाख रुपये ऐंठ लिए।पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता को कुछ दिन पहले एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ‘इंडनीव प्रो’ ट्रेडिंग एप कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कम समय में ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाया। मुनाफे के लालच में आकर पीड़ित ने उनके कहने पर संबंधित एप डाउनलोड किया और ट्रेडिंग शुरू करने के लिए पहले 15 हजार रुपये जमा करवा दिए।
इसके बाद साइबर अपराधियों ने फर्जी आईपीओ एमवी फोटोवोल्टाक पावर में निवेश का लालच दिया। लगातार फोन कॉल और बड़े रिटर्न के वादों के चलते पीड़ित ने चरणबद्ध तरीके से करीब 14 लाख रुपये और जमा करवा दिए। लालच का सिलसिला यहीं नहीं रुका। ठगों ने सर्विस चार्ज और अकाउंट प्रोसेसिंग के नाम पर 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर दी। बाद में यह कहकर डराया गया कि सर्वर की गलती से गलत अमाउंट क्रेडिट हो गया है, जिसे ठीक करने के लिए दोबारा 10 लाख रुपये जमा करने होंगे। जब इसके बाद 30 फीसदी प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर और पैसे मांगे गए, तब जाकर पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। पीड़ित ने तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पिछले दो सप्ताह में यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले शिमला जिले में ही एक पेंशनर से भी ऑनलाइन निवेश के लालच में करीब 42 लाख रुपये गंवा लिए गए थे।
लालच बन रहा ठगों का सबसे बड़ा हथियार
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ज्यादा मुनाफे, गारंटीड रिटर्न और फर्जी आईपीओ के लालच में न आएं। डीएसपी विपिन मेहता ने बताया कि इस मामले में 36 लाख रुपये की वित्तीय क्षति हुई है और पुलिस डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
लालच से बचें, सुरक्षित रहें
बिना मांगे आए ट्रेडिंग, निवेश या आईपीओ कॉल्स पर भरोसा न करें
गारंटीड रिटर्न का दावा करने वाले प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें
किसी भी निवेश कंपनी की जानकारी सेबी की आधिकारिक वेबसाइट से जांचें
अनजान ऐप या लिंक डाउनलोड न करें
किसी भी संदिग्ध कॉल या ऐप की शिकायत तुरंत 1930 पर करें
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